भारत बनेगा उद्यमियों की वैश्विक राजधानी, शिक्षा में बदलाव जरूरी: डॉ. गीतांजलि आंगमो

Lead the Education Future: भारत भविष्य में उद्यमियों की वैश्विक राजधानी बनेगा, इसके लिए सामाजिक चेतना और आधुनिक तकनीक से युक्त शिक्षा जरूरी है-डॉ. गीतांजलि आंगमो।
India will become the global capital of entrepreneurs; changes in education are necessary: ​​Dr. Geetanjali Angmo
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Alternative Education India Hindi News: छत्रपति संभाजीनगर हिमालय इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स की सीईओ डॉ. गीतांजलि आंगमो ने कहा कि भारत समस्याओं का समाधान खोजने वाला देश है व भविष्य में उद्यमियों की वैश्विक राजधानी बनेगा।

उन्होंने शिक्षा के पांच महत्वपूर्ण स्तंभों पर प्रकाश डालने के साथ ही पाठ्यक्रम में आवश्यक बदलाव कर आधुनिक तकनीक को शामिल करने की जरूरतों पर बल भी दिया। उन्होंने सामाजिक चेतना विकसित करने वाली शिक्षा देने पर उन्होंने जोर दिया।

महात्मा गांधी मिशन की एमजीएम एजुकेशन अनलिमिटेड की ओर से आयोजित 'अल्टरनेटिव एजुकेशन अनलिमिटेड पॉसिबिलिटीज' विषय पर आधारित 'लीड द एजुकेशन फ्यूचर' राष्ट्रीय परिषद का उद्घाटन रुक्मिणी सभागार में हुआ।

इस अवसर पर पेश जापानी कैलिग्राफी इन्सो के सजीव रेखांकन ने सभी का ध्यानाकर्षण किया। डॉ. आंगमो ने 'बिना दीवारों के स्कूल व विश्वविद्यालय' विषय पर विचार रखते हुए कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली गर्भावस्था से ही संस्कारों पर आधारित है।

उसे समझने व शिक्षा प्रक्रिया में आध्यात्मिक शिक्षा को शामिल करने की जरूरत है। दो दिनों तक चली राष्ट्रीय परिषद में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रधानाचार्य, शिक्षक, शिक्षा विशेषज्ञों व छात्रों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति

इस मौके पर स्किल एंड एंटरप्रेन्योर यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति व आईआईएम अहमदाबाद की प्रोफेसर निहारिका वोरा, हार्पर कॉलिन्स की मार्केटिंग डायरेक्टर राजेश्री नियोगी, सेंट जॉर्ज एजुकेशनल ट्रस्ट के सीईओ जॉर्ज विलिबोर्ड व एमजीएम के कुलाधिपति अंकुशराव कदम, एमजीएम स्कूल की निदेशक डॉ. अपर्णा कक्कड़, उपनिदेशक डॉ. नम्रता जाजू, प्राचार्य, विभाग प्रमुख मौजूद थे।

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