district administration Jalna (सोर्सः सोशल मीडिया)
Jalna News: जनगणना एक राष्ट्रीय और अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है, जिसे हर स्तर पर समयबद्ध, पारदर्शी और जिम्मेदारी के साथ पूरा करना अनिवार्य है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जनगणना अधिनियम 1948 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी निवासी उपजिलाधिकारी एवं जनगणना प्रभारी अधिकारी शशिकांत हदगल ने दी।
जनगणना 2027 की पृष्ठभूमि में जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी नायब तहसीलदार, नगर परिषद और नगर पंचायतों के मुख्याधिकारी, तहसील कार्यालयों के जनगणना विभाग से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। इस अवसर पर सतीश तायड़े, संपदा कुलकर्णी, रामेश्वर राख, एस.जी. वांगे और सुहास शहाणे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
बैठक में हदगल ने जनगणना प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। मुख्याधिकारियों को नगर परिषद और नगर पंचायत स्तर पर अद्यतन नक्शे, वार्डवार जानकारी, नए आवासीय प्रोजेक्ट और प्रवासी नागरिकों के सटीक आंकड़े उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारी, ग्रामसेवक और संबंधित कर्मियों को क्षेत्रीय भ्रमण बढ़ाकर भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
जनगणना कार्यालय की ओर से परिशिष्ट (एनेक्सचर-1) के अंतर्गत ग्राम राजस्व अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी सेविकाओं के माध्यम से 180 से 200 घरों या लगभग 650 से 800 की आबादी वाले एक गृह-सूचीकरण खंड (हाउस लिस्टिंग ब्लॉक) निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं।
घर समूह तय करते समय सड़क, नदी, पुल, विद्यालय और प्रमुख इमारतों जैसे पहचान चिन्हों का उल्लेख अनिवार्य किया गया है। यदि कोई क्षेत्र झुग्गी-बस्ती, विशेष क्षेत्र, सैन्य क्षेत्र या विशेष प्रभार में आता है, तो उसकी अलग से प्रविष्टि करना आवश्यक होगा। एनेक्सचर-2 के अंतर्गत प्रगणक, पर्यवेक्षक और प्रशिक्षकों की अंतिम सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें संबंधित कर्मियों का नाम, पद, विभाग, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी शामिल करना अनिवार्य होगा।
हदगल ने बताया कि प्रत्यक्ष गृह-गणना 16 मई से 14 जून के बीच कराई जाएगी। इसे एक व्यापक और संवेदनशील कार्य बताते हुए उन्होंने सभी विभागों और कर्मियों से सामूहिक रूप से काम करने तथा डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग कर पारदर्शिता और आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित करने की अपील की।
एनेक्सचर-3 के अनुसार झुग्गी-बस्तियों, अधिसूचित और मान्यता प्राप्त स्लम क्षेत्रों, विशेष क्षेत्रों (जैसे सैन्य क्षेत्र, अनुसंधान केंद्र, कारागार, छात्रावास आदि) की अलग-अलग ऑडियो-विजुअल सूची बनाकर योजनाबद्ध तरीके से डाटा संग्रह करने पर विशेष जोर दिया गया।
चयनित अधिकारियों और कर्मियों की संख्या के आधार पर प्रशिक्षण बैच तैयार किए जाएंगे। प्रशिक्षण के लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रोजेक्टर, साउंड सिस्टम, व्हाइट बोर्ड और कंप्यूटर जैसी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण 9 से 12 मार्च 2026 (पहला बैच) और 14 से 17 मार्च 2026 (दूसरा बैच) तक यशदा, पुणे में चार-चार दिन के लिए आयोजित किया जाएगा। जिला, उपविभाग, तहसील और शहर मुख्यालय स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण 26 फरवरी से 31 मार्च के बीच जिलाधिकारी कार्यालय जालना में तीन दिनों के सत्र में होगा। 6 से 11 अप्रैल के बीच जिलास्तर पर फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण तथा प्रगणक और पर्यवेक्षक प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। 27 अप्रैल से 8 मई तक तहसील स्तर पर 4 से 5 बैचों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।