Samruddhi Highway: जालना में रेल विकास को रफ्तार, पहले होगा ड्रोन मैपिंग, जमीन सौदों पर रोक
Railway Infrastructure Project: अंकाई–परभणी रेल दोहरीकरण से पहले भूमि सट्टेबाजी रोकने के लिए जमीन लेनदेन पर प्रतिबंध लगाया गया है। ड्रोन सर्वे के जरिए चरणबद्ध अधिग्रहण किया जाएगा।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Railway Infrastructure Project: जालना नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग परियोजना के दौरान सामने आए अनुभवों को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम उठा रहा है। किसी बड़ी परियोजना की घोषणा के बाद भू माफियाओं की ओर से जमीन की सट्टेबाजी की आशंका से वास्तविक किसानों व भूमि स्वामियों के नुकसान को रोकने के उद्देश्य से भूमि लेनदेन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
अब भूमि अधिग्रहण से पूर्व ड्रोन सर्वे के जरिए भू-मानचित्र तैयार किए जा रहे हैं। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे पहले पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रावसाहेब पाटील दानवे के प्रयासों से स्वीकृत अंकाई-परभणी रेल मार्ग के दोहरीकरण की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है व यह। महत्वाकांक्षी परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी।
जालना, बदनापुर व परतूर का भी समोवश
पहले चरण में अंकाई से छत्रपति संभाजीनगर व दूसरे वरण में छत्रपति संभाजीनगर से परभणी तक रेल लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक अधिसूचना जारी करने के बाद भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सम्बंधित ख़बरें
अंबरनाथ में शादी के 48 दिन बाद विशाखा ने की आत्महत्या; डॉक्टर पति घर के अंदर CCTV से रखता था नजर
नीट पुनर्परीक्षा: नागपुर में Z+ सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्रों तक पहुंचेंगे प्रश्नपत्र, 21 जून को हाई अलर्ट
वर्धा में 11वीं प्रवेश के दो चरण पूरे, 7,556 छात्रों का दाखिला तय, 15,744 सीटें खाली
महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, आंदोलनों से जुड़े 44 मुकदमे वापस लेने की सिफारिश
दक्षिण-मध्य रेलवे के सिकंदराबाद मंडल ने भूमि खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने बाबत जिला प्रशासन को पत्र भेजने के बाद जालना, बदनापुर व परतूर तहसील के संबंधित गांवों में यह प्रतिबंध लागू किया गया है। जालना उपविभागीय कार्यालय ने जालना व बदनापुर तहसीलों के 16 गांवों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई प्रारंभ करते हुए जमीन की खरीद फरोख्त पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है।
8 गांवों में प्रक्रिया लागू
परतूर तहसील के 8 गांवों में भी समान प्रक्रिया लागू की गई है। इस तरह कुल 24 गांवों से होकर दोहरी रेल लाइन प्रस्तावित है। परियोजना की अनुमानित लागत एक हजार करोड़ रुपये से अधिक होने के कारण केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी में समय लग सकता था। इसे ध्यान में रखते हुए दानवे ने रेलवे बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में परियोजना को दो चरणों में स्वीकृति दिलाकर कार्य आरंभ कराया।
यह भी पढ़ें:-Maharashtra Farming बदलते मौसम ने बढ़ाया कीट प्रकोप, चना समेत कई फसलें प्रभावित, किसान परेशान
इन गांवों से होकर जाएगी रेलवे लाइन
जालना तहसील जालना, दरेगांव, हिवन, कारला, लोढ़े की वाडी, माली पिपलगाव, ममदाबाद, पाचनवड़गांव, रोहनवाड़ी, बदनापुर तहसील बदनापुर, दावलवाडी, मात्रेवाड़ी, रामखेडा, शेलगांव, वरुडी, गोकुलवाडी, परतूर तहसील परतुर, खांडवी, सिरसगांव, रायपुर, मासला, आनंदवाडी, सातोना खुर्द, उस्मानपुर।
मापन स्तर पर कार्यवाही जारी
दक्षिण-मध्य रेलवे की छत्रपति संभाजीनगर-परभणी रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए जालना व बदनापुर तहसील के 16 गांवों में भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी की गई है। वर्तमान में मापन स्तर पर कार्यवाही जारी है। तदुपरांत चरणबद्ध रूप से अगली प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
उपविभागीय अधिकारी- जालना रामदास दौंड
