प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Municipal Corporation Meeting: नासिक आगामी सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारियों और शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए नासिक महानगरपालिका की महत्वपूर्ण महासभा गुरुवार, 20 फरवरी को सुबह 11:30 बजे राजीव गांधी भवन में बुलाई गई है।
नवनिर्वाचित। पार्षदों की यह तीसरी महासभा है, लेकिन विकास कार्यों और नीतिगत निर्णयों के लिहाज से इसे सबसे अहम माना जा रहा है। कुंभ मेले के करोड़ों के बजट पर मंथन महासभा का मुख्य एजेंडा कुंभमेला 2027-28 से जुड़ी तैयारियां हैं।
कुंभमेले के तहत प्रस्तावित सड़कों, बुनियादी सुविधाओं, रखरखाव और मरम्मत कार्यों के लिए प्राप्त निविदा दरों को मंजूरी दी जाएगी। चूंकि इन कार्यों पर भारी धनराशि खर्च होनी है, इसलिए विपक्षी दल खर्च की पारदर्शिता और निविदा प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने की तैयारी में हैं। मेले के दौरान सुरक्षा और सुरक्षात्मक ढांचे के निर्माण के लिए दर निर्धारण के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी।
पिछले चार वर्षों से नासिक महाननगरपालिका में निर्वाचित प्रतिनिधियों के अभाव में प्रशासनिक राज चल रहा था। इस दौरान कई अहम फैसले अधिकारियों द्वारा लिए गए।
अब जबकि निर्वाचित पार्षद सदन में लौट आए हैं, तो वे पूर्व में लिए गए निर्णयों और वर्तमान में प्रस्तावित कुंभ मेले के कार्यों का बारीकी से विश्लेषण करेंगे।
प्रशासन जनप्रतिनिधियों और के बीच तालमेल की यह पहली बड़ी परीक्षा होगी।
कुंभ मेले के साथ-साथ ‘नागरी दलित बस्ती सुधार योजना (2025 26) के तहत होने वाले कार्यों को भी वित्तीय मंजूरी दी जाएगी। यह महासभा राजनीतिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सत्तापक्ष अपनी कार्यक्षमता साबित करना चाहता है, वहीं विपक्ष जनता की निधि के सही इस्तेमाल को लेकर दबाव बनाने की कोशिश करेगा, प्रभारी नगर सचिव ने बैठक की आधिकारिक सूचना जारी कर सभी पार्षदों की उपस्थिति अनिवार्य की है।
यह भी पढ़ें:-छत्रपति संभाजीनगर: जाति प्रमाण पत्र मुद्दे पर सियासी टकराव, निर्दोषों को न सताएं-अंबादास दानवे
कुभ मेला 2027: बुनियादी ढांचे और निविदाओं की मजूरी। वित्तीय प्रस्ताव दलित बस्ती सुधार योजना के लिए निधि आवंटन, समीक्षा। पिछले चार साल के प्रशासनिक निर्णयों पर चर्चा, पारदर्शिताः विकास कार्यों में होने वाले भारी खर्च का ब्यौरा।