प्रिंसिपल ने दोस्तों के सामने PVC पाइप से पीटा, जलगांव में 20 साल के छात्र ने फांसी लगाकर दे दी जान
Jalgaon Student Suicide Case: जलगांव के देवकर फार्मेसी कॉलेज के छात्र श्याम पाटिल ने प्रिंसिपल की पिटाई और अपमान से तंग आकर खुदकुशी कर ली। प्रिंसिपल के खिलाफ FIR दर्ज।
- Written By: अनिल सिंह
Shyam Prabhakar Patil Pharmacy Student (डिजाइन फोटो)
Prabhakar Patil Pharmacy Student: महाराष्ट्र के जलगांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहाँ एक 20 वर्षीय होनहार छात्र ने शिक्षा के मंदिर में मिले अपमान और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। श्री गुलाबराव देवकर कॉलेज ऑफ फार्मेसी के छात्र श्याम प्रभाकर पाटिल की आत्महत्या ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। आरोप है कि कॉलेज के प्रिंसिपल ने न केवल छात्र की बेरहमी से पिटाई की बल्कि सहपाठियों और शिक्षकों के सामने उसे इस कदर जलील किया कि वह गहरे मानसिक अवसाद में चला गया।
इस मामले में जलगांव की रामानंद नगर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कॉलेज के प्रिंसिपल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। छात्र के परिवार और दोस्तों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रिंसिपल की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
पीवीसी पाइप से पिटाई और सार्वजनिक अपमान
घटना की शुरुआत कॉलेज परिसर में हुई जहाँ प्रिंसिपल योगेश पवार ने कथित तौर पर श्याम पाटिल को बिना किसी ठोस कारण के पीवीसी (PVC) पाइप से पीटा। चश्मदीदों और परिवार के दावों के अनुसार प्रिंसिपल ने श्याम को अन्य छात्रों और शिक्षकों के सामने अपमानित किया जिससे उसके आत्मसम्मान को गहरी चोट पहुँची। एक फार्मेसी छात्र के रूप में श्याम का करियर अभी शुरू ही हुआ था लेकिन इस घटना ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया।
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परिजनों को फोन और अंतिम सुसाइड नोट
श्याम ने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाने से पहले अपने परिवार को इस अन्याय की जानकारी दी थी। 14 फरवरी को उसने अपने पिता और चाचा को फोन कर आपबीती सुनाई और बताया कि गुलाबराव देवकर कॉलेज में उसके साथ बहुत बुरा व्यवहार हुआ है। इसके बाद वह नेहरू नगर स्थित अपने किराए के कमरे में गया और वहां फंदे से लटक कर जान दे दी। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने प्रिंसिपल योगेश पवार की मारपीट और प्रताड़ना का स्पष्ट उल्लेख किया है।
प्रिंसिपल पर केस दर्ज और शैक्षणिक जगत में रोष
जलगांव पुलिस ने मृतक श्याम के पिता की शिकायत के आधार पर प्रिंसिपल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस जांच: रामानंद नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारी सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की जांच कर रहे हैं और कॉलेज के अन्य छात्रों के बयान दर्ज कर रहे हैं।
छात्र सुरक्षा: इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों और कॉलेजों में ‘कॉपोर्रल पनिशमेंट’ (शारीरिक दंड) और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर होने वाले असर को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
प्रशासनिक रुख: शिक्षा विभाग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और कॉलेज प्रबंधन से आंतरिक रिपोर्ट तलब की है। फिलहाल आरोपी प्रिंसिपल फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
