जलगांव पुलिस ने साइबर ठगी का किया पर्दाफाश, 77 दर्ज मामलों में 29 का किया खुलासा, करोड़ों की राशि की जब्त

महाराष्ट्र में साइबर अपराध के मामले काफी बढ़ गए है। ऐसे में केवल जलगांव में 77 साइबर अपराध के मामले दर्ज है। इसका पर्दाफाश करने के लिए जलगांव पुलिस लगातार इस पर कार्रवाई कर रही है, जहां पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है।
साइबर ठगी के दो मामलों का पर्दाफश
साइबर ठगी (सौजन्य-पिनटरेस्ट)
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जलगांव: साइबर अपराधों पर लगाम लगाने में जलगांव पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिले के साइबर सेल ने दो अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों का पर्दाफश करते हुए 74 लाख 47 हजार से अधिक रुपये बरामद किए हैं।

वहीं संदिग्ध साइबर ठगों को गिरफ्तार करने में पुलिस असफल साबित हुई। एसपी ने कहा कि अभी तक साइबर ठगी के 77 दर्ज मामलों में 29 मामलों का खुलासा हुआ है। जिसमे ठगों से एक करोड़ 11 लाख 42 हजार 932 रुपए जब्त किए गए हैं।

साइबर ठगी का पहला मामला

पुलिस अधीक्षक डॉ. महेश्वर रेड्डी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पहले मामले में संतकुमार कृपाराम उईके से शेयर बाजार में अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देकर 1 करोड़ 6 लाख रुपये की ठगी की गई थी। आरोपी ने पीड़ित से Alankit एप डाउनलोड करवाकर उसके बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर करवा लिए थे। हालांकि, पीड़ित को केवल 3500 रुपये का मुनाफा मिला और बाकी रुपये गायब हो गए।

साइबर ठगी का दूसरा मामला

दूसरे मामले में राजेंद्र गुलाबराव गरुड़ को मुंबई में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाकर धमकाया गया और उनसे 18 लाख रुपये की ठगी की गई। आरोपियों ने पीड़ित को फर्जी अदालती आदेश दिखाकर डराया और उनसे पैसे ट्रांसफर करवा लिए।

पुलिस ने दोनों मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खातों को फ्रीज कर दिया और पीड़ितों के पैसे बरामद कर लिए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है।

एसपी महेश्वर रेड्डी, अपर पुलिस अधिकारी अशोक नख़ाते के निर्देशन में सायबर सेल पुलिस इंस्पेक्टर नीलेश गायकवाड़ के नेतृत्व में साइबर सेल की टीम के पुलिस उप निरीक्षक गणेश अहीरे, हेड कांस्टेबल हेमंत महाडीक, सचिन सोनवणे ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों के बैंक खातों तक पहुंच कर ठगी की धनराशि बरामद करने में सफलता हासिल की है किंतु संदिग्ध बदमाशों को पुलिस गिरफ्तार करने में नाकाम साबित हुई।

जनता से की अपील

एसपी महेश्वर रेड्डी ने कहा, "नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के वीडियो कॉल का जवाब न दें, क्योंकि डिजीटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं होती है। शेयर मार्केट में निवेश करते समय सावधानी बरतें और किसी को भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी न दें। ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार न बने तुरंत पुलिस से संपर्क करें। साइबर ठगों से सावधान रहें।"

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