Jalgaon Urban Transport Electric Buses( Source: Social Media )
Jalgaon Urban Transport Electric Buses: जलगांव शहर में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन का सपना फिलहाल अधूरा ही रह गया है। प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत शुरू होने वाली सेवा चार्जिंग स्टेशन के अभाव में अटक गई है।
स्थिति यह है कि महापालिका ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, लेकिन संबंधित कंपनी की धीमी कार्यप्रणाली के कारण बसें सड़कों पर उतर ही नहीं पा रही हैं।
महापालिका ने मेहरुण क्षेत्र में करीब दो एकड़ जमीन पर 50 बसों की क्षमता वाला अत्याधुनिक डिपो तैयार किया है। यहां पार्किंग, कंक्रीटीकरण, आंतरिक सड़कें और अन्य मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह विकसित की गई हैं।
इतना ही नहीं, औद्योगिक क्षेत्र से अलग बिजली लाइन जोड़कर चार्जिंग के लिए जरूरी बिजली आपूर्ति भी सुनिश्चित कर दी गई है। यानी प्रशासन की ओर से प्रोजेक्ट पूरी तरह ‘रेडी टू ऑपरेट’ स्थिति में है।
शहर की परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा असर ई-बस सेवा शुरू न होने का असर शहर की परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। बस सेवा के लिए प्रस्तावित परिवहन समिति का गठन भी फिलहाल अटका हुआ है।
इससे शहरी परिवहन सुधार की पूरी प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। महापालिका प्रशासन का कहना है कि उनकी ओर से सभी आवश्यक कार्य पूरे कर लिए गए हैं और अब केवल कंपनी के स्तर पर काम लंचित है।
अधिकारियों के अनुसार, चार्जिंग स्टेशन के लिए बिजली आपूर्ति भी उपलब्ध कराई जा चुकी है और कंपनी के साथ लगातार पत्राचार किया जा रहा है। प्रशासन ने जल्द ही समस्या के समाधान और ई-बस सेवा शुरू होने की उम्मीद जताई है, लेकिन फिलहाल जलगांवकरों के लिए यह योजना सिर्फ इंतजार बनकर रह गई है।
इसके बावजूद योजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी ई-बस चार्जिंग स्टेशन अब तक स्थापित नहीं हो सका है। संबंधित कंपनी तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए काम में लगातार देरी कर रही है।
परिणामस्वरूप बसों के संचालन की तारीख बार-बार टल रही है और नागरिकों को इंतजार करना पड़ रहा है। इस देरी का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है।
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तापमान बढ़ने के साथ शहरवासियों को उम्मीद थी कि इस बार गर्मी में एसी ई-बस से राहत मिलेगी, लेकिन चार्जिंग स्टेशन के अभाव में यह संभव नहीं हो सका। ऐसे में नागरिकों को फिर से पारंपरिक साधनों और निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे नाराजगी भी बढ़ रही है।