महागांव में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना पर उठे सवाल, स्वीकृत पुल के बजाय रपटे की मरम्मत का आरोप
Rural Bridge Project: महागांव के हिवरदरी फाटा मार्ग पर वर्षों पहले स्वीकृत पुल का निर्माण नहीं होने का आरोप है। ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और शिप नदी पर स्थायी पुल बनाने की मांग की है।
- Written By: अनन्या तिवारी
हिवरदरी फाटा से हिवरदरी ग्राम को जोड़ने वाला रपटा (फाइल फोटो, सोर्स-नवभारत)
Hivardari Phata Rural Bridge Construction Controversy: यवतमाल के महागांव तहसील के हिवरदरी फाटा से ग्राम हिवरदरी को जोड़ने वाली सड़क पर मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 10 से 12 वर्ष पहले शिप नदी पर पुल निर्माण को स्वीकृति मिली थी। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित स्थान पर आज तक पुल का निर्माण नहीं किया गया। इसके बजाय पहले से मौजूद रपटे की मरम्मत कर कार्य पूरा होने का दावा कर दिया गया। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और वे पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
स्वीकृत योजना में पुल का था प्रावधान
ग्रामीण प्रल्हाद बुचडे के अनुसार, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हिवरदरी फाटा से हिवरदरी तक करीब 1.50 किलोमीटर सड़क का डामरीकरण किया गया था। स्वीकृत अनुमान पत्र में शिप नदी पर पुल निर्माण का स्पष्ट प्रावधान था, लेकिन सड़क का काम पूरा होने के बावजूद पुल नहीं बनाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि केवल पुराने रपटे की मामूली मरम्मत कर निर्माण कार्य पूरा दिखा दिया गया।
शिप नदी क्षेत्र की प्रमुख नदियों में शामिल है। बरसात के दौरान नदी में तेज बहाव और बाढ़ आने से रपटा पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को आवश्यक कार्यों के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में विद्यार्थी, किसान, महिलाएं और अन्य ग्रामीण आवागमन करते हैं। बारिश के समय विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज जाने के लिए घंटों पानी उतरने का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। वहीं मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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स्वीकृत पुल नहीं बना तो राशि कहां खर्च हुई?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि अनुमान पत्र में पुल स्वीकृत था तो उसका निर्माण क्यों नहीं किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के वरिष्ठ अधिकारियों से निर्माण कार्य से जुड़े दस्तावेज, स्वीकृत निधि, खर्च का पूरा विवरण और मौके पर हुए वास्तविक कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह सवाल भी उठाया है कि पुल निर्माण के लिए स्वीकृत राशि आखिर खर्च कहां हुई।
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प्रशासन से स्थायी पुल निर्माण और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीण प्रल्हाद बुचडे ने प्रशासन से शिप नदी पर स्थायी और गुणवत्तापूर्ण पुल का निर्माण कर वर्षों पुरानी समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि बरसात शुरू होते ही यह समस्या और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा जल्द पुल निर्माण शुरू करने की मांग की है।
ग्रामीणों को हर साल उठानी पड़ती है परेशानी
प्रल्हाद बुचडे ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अनुमान पत्र में शिप नदी पर पुल स्वीकृत होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन आज तक उसका निर्माण नहीं हुआ। इसके कारण हर वर्ष बरसात के दौरान ग्रामीणों और विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।
