दारव्हा में बिजली संकट गहराया, महावितरण की अव्यवस्थित कार्यप्रणाली से उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी
Electricity Supply: दारव्हा में लगातार हो रही बिजली कटौती से नागरिक परेशान हैं। बढ़ते बिजली बिल, अतिरिक्त शुल्क और स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं ने महावितरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
- Written By: अनन्या तिवारी
प्रताकात्मक तस्वीर (फाइल फोटो, सोर्स-सोशल मीडिया)
Frequent Power Cuts In Yavatmal’s Darwha City: यवतमाल के दारव्हा शहर में महावितरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य स्तर पर आधिकारिक रूप से लोड शेडिंग (बिजली कटौती) नहीं होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद दारव्हा शहर के नागरिकों को प्रतिदिन बिजली बाधित होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बिना किसी पूर्व सूचना के बार-बार बिजली आपूर्ति बंद किए जाने से आम जनता में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
मरम्मत और तकनीकी खराबी के नाम पर घंटों आपूर्ति ठप
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि महावितरण द्वारा कभी मरम्मत कार्य, कभी तकनीकी खराबी और कभी रखरखाव के नाम पर शहर के कई क्षेत्रों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बंद रखी जाती है। इस अनियमित और अव्यवस्थित बिजली आपूर्ति का सीधा असर विद्यार्थियों, व्यापारियों, किसानों, लघु उद्योगों तथा आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। कई लोगों को इसके कारण आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
बिजली बिल में बढ़ते अधिभार पर उठ रहे सवाल
उपभोक्ताओं का कहना है कि वास्तविक बिजली खपत अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद बिजली बिल में विभिन्न प्रकार के अधिभार, स्थायी शुल्क और अन्य चार्ज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। नागरिकों का सवाल है कि जब उन्हें गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है, तो फिर इतनी अधिक राशि अधिभार के रूप में क्यों ली जा रही है। इस मुद्दे पर लोगों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
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स्मार्ट मीटर योजना को लेकर उपभोक्ताओं में भ्रम
इस बीच महावितरण की ओर से उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने संबंधी मोबाइल संदेश भी भेजे जा रहे हैं। इससे नागरिकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। पहले से ही बार-बार बिजली बाधित होने और बढ़ते बिजली बिल से परेशान उपभोक्ताओं को आशंका है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद भविष्य में बिजली बिल और अधिक बढ़ सकता है।
नागरिकों का कहना है कि महावितरण को स्मार्ट मीटर योजना के संबंध में स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी देनी चाहिए, ताकि लोगों के मन में फैला भ्रम दूर हो सके। साथ ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुधारकर नियमित और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए। लगातार हो रही बिजली कटौती और बढ़ते बिलों के कारण उपभोक्ताओं का महावितरण पर भरोसा कमजोर होता जा रहा है।
