शिवभोजन थाली (सोर्स: सोशल मीडिया)
LPG Crisis Impact On Shiv Bhojan Thaali: खाड़ी देशों में जारी भीषण युद्ध का असर अब भारत के छोटे शहरों की रसोई तक पहुंच गया है। महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप होने से हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पूरे जिले में केवल 195 कमर्शियल गैस सिलेंडर बचे हैं, जिससे जिले के 50 से अधिक शिवभोजन केंद्र और सैकड़ों छोटे-बड़े होटल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘शिवभोजन योजना‘ के तहत गोंदिया में 51 केंद्र कार्यरत हैं, जहां रोजाना 5 से 6 हजार मजदूर और गरीब लोग महज कुछ रुपयों में भरपेट भोजन करते हैं। कमर्शियल गैस की किल्लत ने इन संचालकों की नींद उड़ा दी है। संचालकों का कहना है कि अगर अगले दो दिनों में सिलेंडर नहीं मिले, तो केंद्र बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। शिवभोजन केंद्र संचालक मंडल ने मांग की है कि इस योजना को ‘आपातकालीन सेवा’ में शामिल कर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद, गैस कंपनियों ने कमर्शियल सप्लाई को अस्थायी रूप से रोक दिया है ताकि घरेलू (Domestic) ग्राहकों को समस्या न हो। हालांकि, डोमेस्टिक गैस के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए 21 के बजाय 25 दिनों का इंतजार करना होगा।
गोंदिया के जिला आपूर्ति अधिकारी सतीश अगड़े ने स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और वितरण सुचारू है। हालांकि, कमर्शियल सिलेंडर को लेकर शासन के अगले आदेश का इंतजार किया जा रहा है। वर्तमान में जिले में 21 वितरक हैं और लगभग 3 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ता हैं। जहां रोजाना 4,900 से अधिक घरेलू सिलेंडर बांटे जाते हैं, वहीं कमर्शियल सिलेंडर की मांग के मुकाबले स्टॉक न के बराबर रह गया है।
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होटल मालिकों का कहना है कि उनके पास केवल 2 से 4 दिनों का बैकअप बचा है। यदि सप्लाई शुरू नहीं हुई तो न केवल व्यवसाय ठप होगा, बल्कि होटलों में काम करने वाले हजारों कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। स्थानीय व्यापारियों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।