सिर्फ 30 इमारतों का फायर सेफ्टी ऑडिट, गोंदिया जिले में सालभर में 147 आग लगने की घटनाएं

Gondia Fire Safety Audit: गोंदिया में पिछले साल 147 आग की घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि शहर में केवल 30 इमारतों का फायर सेफ्टी ऑडिट हुआ है और अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है।
महाराष्ट्र लोकल न्यूज, Gondia fire incidents, Gondia fire safety audit
Gondia fire department staff shortage (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Gondia Fire Department Staff Shortage: पिछले वर्ष गोंदिया शहर और तहसील में आग लगने की 147 घटनाएं दर्ज की गईं। हालांकि अग्निशमन विभाग का दावा है कि सभी घटनाओं में समय पर कार्रवाई कर आग पर काबू पा लिया गया। शहर में अब तक सिर्फ 30 इमारतों का फायर सेफ्टी ऑडिट किया गया है। अधिकारियों के अनुसार शहर और तहसील में बड़ी बहुमंजिला इमारतों की संख्या कम है।

सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और अन्य महत्वपूर्ण भवनों का फायर सेफ्टी ऑडिट किया गया है और इनमें अपना फायर एक्सटिंग्विशिंग सिस्टम भी मौजूद है, ऐसा विभाग का कहना है। जिले में अदानी परियोजना को छोड़कर कोई बड़ा औद्योगिक प्रकल्प नहीं है। इसके अलावा करीब 10 सरकारी कार्यालय, लगभग 20 निजी अस्पताल और एक सरकारी अस्पताल ऐसी बड़ी इमारतें हैं, जिनका फायर सेफ्टी ऑडिट किया जा चुका है। करीब डेढ़ लाख आबादी वाले गोंदिया शहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी नगर परिषद के अग्निशमन विभाग पर है।

अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों की कमी

नगर परिषद के अग्निशमन विभाग में वर्तमान में सिर्फ 12 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से अधिकांश को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला है। शहर और तहसील की आबादी को देखते हुए विभाग को कम से कम 22 कर्मचारियों की आवश्यकता है, लेकिन रिक्त पदों को भरने की दिशा में अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

अधिकांश कर्मचारी अब भी अप्रशिक्षित

अग्निशमन विभाग में प्रशिक्षित और अनुभवी कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। विभाग का दावा है कि उनके पास आग बुझाने के लिए आवश्यक मशीनरी उपलब्ध है। अधिकारियों के अनुसार यदि किसी इमारत की चौथी या पांचवीं मंजिल पर भी आग लगती है, तो उनके पास सीढ़ी और अन्य उपकरण मौजूद हैं। हालांकि कर्मचारियों की कमी और प्रशिक्षण के अभाव के कारण कई बार आग पर काबू पाने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है।

22 और कर्मचारियों की जरूरत

फिलहाल विभाग में एक फायर चीफ, दो लीडिंग फायरमैन, दो ड्राइवर, चार फायरमैन और तीन सिपाही कार्यरत हैं। इनमें से एक ड्राइवर दूसरे विभाग में प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहा है, जबकि दो फायरमैन हेल्पर के रूप में कार्य कर रहे हैं। अग्निशमन विभाग प्रमुख नीरज काले के अनुसार विभाग को और कर्मचारियों की आवश्यकता है और इसके लिए जल्द ही भर्ती का प्रस्ताव भेजा जाएगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com