Gondia: तिरोड़ा के प्राचीन शिवालयों में उमड़ा भक्तों का सैलाब; जानिए क्या है दुधघाट का पौराणिक रहस्य
Dudhghat Shiva Temple: गोंदिया जिले की तिरोड़ा तहसील में स्थित दुधघाट को 'पूर्व विदर्भ की काशी' कहा जाता है। खासकर दुधघाट का रहस्यमयी सफेद जल वाला झरा और शिव मंदिर हर भक्तों के आकर्षण का केंद्र है।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Dudhghat Shiva Temple History: सनातन, हिंदू परंपरा व रीति रिवाजों के अनुसार भगवान शिव की आराधना के लिए प्रति सोमवार का दिन खास माना जाता है। इस दिन शिवजी की विशेष आराधना, पार्थिव पूजन, रुद्राभिषेक से पूजन किया जाता है जिससे भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। शिव पुराण, लिंग पुराण आदि पुरातन ग्रंथों में भगवान शिव की पूजा का व उनकी लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है।
प्राचीन शिव मंदिरों का गौरवशाली इतिहास
देश में यदि सबसे ज्यादा किसी देवता के मंदिर है तो वो शिव मंदिर ही है। शिवलिंग की पूजा का प्रचलन हजारों वर्ष पूर्व से आरंभ है व ऐसे अनेक प्राचीन मंदिर है। जहां हजारों वर्षों से शिवलिंग की स्थापना हो चुकी है व अक्सर खुदाई या निर्माण कार्य करते समय कई वर्ष पुरानी प्रतिमाओं में शिवलिंग प्रमुख रुप से प्राप्त हो चुके है। मंदिरों में भगवान शिव को रिझाने के लिए अखंड रामायण पाठ भी किया जाता है।
दुधघाट: पूर्व विदर्भ की काशी और रहस्यमयी झरा
हर सोमवार को ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में भक्तों का तांता लगा रहता है। गोंदिया जिले की तिरोड़ा तहसील में विभिन्न स्थानों के साथ ही तिरोड़ा तहसील के पूर्व दिशा में स्थित इंदौरा/निमगांव स्थित दुधधाट, पूर्व विदर्भ की काशी के रूप में पहचाने जाने वाला दुधघाट यह लेंडीटोला में है। यह गांव पहाड़ी व जंगलों से घिरा है। पास ही बड़ा नाला है। उसी के पास भगवान शिव का मंदिर है। नाले के समीप झरा है इतना ही नहीं ग्रीष्मकाल में भी यह झरा सुखता नहीं है जिसका पानी सफेद दुध के समान है। इसी कारण इसे दुधघाट कहा जाता है। यहां अभिषेक व दहीकाला तथा महाप्रसाद सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
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हर साल आते हैं लाखों श्रद्धालु
उसी तरह तिरोड़ा तहसील के चोरखमारा के शिव मंदिर, बेरडीपार शिवमंदिर, बेरडीपार (खुर्शीपार), नागमंदिर खडकी, खडकी (डोंगरगांव) के आंबेतालाब स्थित नागमंदिर व शिवमंदिर, डोंगरगांव शिवमंदिर, गोरेगांव-तिरोड़ा मार्ग पर कोडेबर्रा के गौरी देव मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है। इस तरह जिले के सालेकसा तहसील स्थित हलबीटोला में अर्धनारेश्वरालय मंदिर में भक्तों द्वारा पूजा अर्चना की जाती है। यहां प्रतिवर्ष शिवरात्रि पर्व भी बड़े उत्साह के साथ आयोजित होता है। इस स्थान को पर्यटन स्थल घोषित किया गया था। इस स्थान पर हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं।
