Gondia News: प्लास्टिक कम करने का संकल्प, स्वच्छता सप्ताह 496 का सफल आयोजन
Plastic-Free Campaign: गोंदिया में मोक्षधाम स्वच्छता सप्ताह 496 के दौरान प्लास्टिक उपयोग कम करने और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अभियान विहिप बजरंग दल व मोक्षधाम सेवा समिति ने चलाया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
प्लास्टिक कम करने का संकल्प, स्वच्छता सप्ताह 496 का सफल आयोजन (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Gondia Cleanliness Drive: विहिप बजरंग दल और सर्व समाज मोक्षधाम सेवा समिति, गोंदिया द्वारा आयोजित साप्ताहिक अभियान मोक्षधाम स्वच्छता सप्ताह 496 का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान संपूर्ण मोक्षधाम की स्वच्छता की गई और प्लास्टिक उपयोग कम करने का संदेश दिया गया। अभियान के तहत अंत्येष्टि में आने वाले लोगों को प्लास्टिक का उपयोग कम करने हेतु प्रेरित किया गया। स्वच्छता जागरूकता के फ्लेक्स बोर्ड लगाए गए हैं ताकि लोगों में जागरूकता आए और वे प्लास्टिक कचरे को केवल कचरा पेटी में ही डालें।
साथ ही अपने निजी उपयोग में प्लास्टिक की मात्रा कम करें। प्लास्टिक प्रदूषण आज एक गंभीर वैश्विक समस्या बन चुका है, जो हमारी हवा, पानी और भूमि को दूषित कर रहा है तथा मानव व वन्यजीव स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। इसे रोकने के लिए कम करें, पुन: उपयोग करें और रीसायकल करें के सिद्धांत पर काम करने की जरूरत है। सिंगल-यूज़ प्लास्टिक जैसे थैलियां, बोतलें, स्ट्रॉ छोड़कर पुन: उपयोग योग्य कपड़े के थैले और बोतलें अपनानी चाहिए। कचरे को सही तरीके से अलग करना और बायोडिग्रेडेबल वस्तुओं का चयन करना आवश्यक है। यह प्रयास व्यक्तिगत जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और प्लास्टिक प्रतिबंध जैसी सरकारी नीतियों से ही संभव है।
सहयोग व एकता-बंधुत्व का संदेश
मोक्षधाम में वाहनों की पार्किंग व्यवस्था के लिए अलग-अलग स्थानों पर दिशा-निर्देश बोर्ड लगाए गए। अभियान के अंत में सेवा समिति की ओर से स्वर्गीय व्यक्तियों को श्रद्धांजलि दी गई और स्वच्छता कार्यक्रम उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर संयोजक देवेश मिश्रा, अध्यक्ष रोशन जायसवाल, सुनील आर. तिवारी, हरिश अग्रवाल, कार्तिक सावड़े, सदस्य सुनील श्रीभाद्रे, पप्पू भोयर, गणेश जांगजोड, बंडू सातव, संतोष भेलावे आदि उपस्थित थे।
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प्लास्टिक: समस्या और प्रभाव
1950 के दशक से अब तक लगभग 9.2 बिलियन टन प्लास्टिक का उत्पादन हुआ है, जिसमें से 7 बिलियन टन कचरा बन चुका है। यह नदियों, तालाबों और समुद्रों में पहुंचकर समुद्री जीवों को नुकसान पहुंचाता है तथा माइक्रो प्लास्टिक के रूप में खाद्य श्रृंखला में प्रवेश करता है। प्लास्टिक में मौजूद रसायन (जैसे प्लास्टिसाइज़र) भोजन में मिलकर कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं। बच्चों के खिलौनों में मौजूद जहरीले तत्व भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
