कर्ज माफी के लिए शिवसेना का आंदोलन, बैंक नोटिस व जब्ती के खिलाफ किसानों ने जताई चिंता
Farmers Loan Waiver: महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ शिवसेना (उबाठा) गुट की ओर से उपविभागीय अधिकारी कार्यालय के सामने एक दिवसीय आंदोलन किया गया.
- Written By: आंचल लोखंडे
कर्ज माफी के लिए शिवसेना का आंदोलन (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Arjuni Morgaon Tehsil: महायुति सरकार ने चुनाव से पहले किसानों को पूर्ण कर्ज माफी देने का वादा किया था। इसी वादे के भरोसे उसने सत्ता हथिया ली। एक साल बीत गया, लेकिन महायुति सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया। इस झूठी सरकार के खिलाफ शिवसेना (उबाठा) गुट की ओर से उपविभागीय अधिकारी कार्यालय के सामने एक दिवसीय आंदोलन किया गया।
कभी बारिश तो कभी सूखा, सरकार की किसान विरोधी नीतियों, खाद और दवाइयों की कीमतों में भारी वृद्धि, उत्पादन लागत अधिक और समर्थन मूल्य कम, कृषि उत्पादों के लिए उचित बाजार न होने के कारण लाखों किसान, व्यापारी और बैंक कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं, जिसके कारण महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्याओं में वृद्धि हुई है। बकाया कर्ज के कारण बैंकों ने नोटिस जारी किए और जब्ती की कार्रवाई की। इस विपरीत परिस्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका का साधन खेती कैसे करें?
सरकार किसानों को पूर्ण कर्ज माफी प्रदान करें
यह सवाल किसानों के सामने है। इस गंभीर स्थिति के समाधान के लिए सरकार किसानों को पूर्ण कर्ज माफी प्रदान करें। इसमें बकायादार, चालू कर्जदार, अल्पकालीन फसल कर्ज, मध्यमकालीन सिंचाई व उपकरण कर्ज, शेडनेट, पॉलीहाउस, दूध उत्पादक व साहूकार कर्ज शामिल हों। विविध मांगों का ज्ञापन शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) जिला प्रमुख शैलेश जायस्वाल के नेतृत्व में उपविभागीय अधिकारी वरुणकुमार शहारे के माध्यम से महाराष्ट्र के राज्यपाल को भेजा गया। इस अवसर पर उपजिला प्रमुख राजकुमार हेडाऊ, विधानसभा प्रमुख व पार्षद संजय पवार, तहसील प्रमुख चेतन दहीकर, मनोज रामटेके, शिल्पा घनाडे, बबन बडवाईक, यादवराव कुंभरे व शिवसैनिक उपस्थित थे।
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इन विविध मांगों को लेकर सौपा ज्ञापन
इन मांगों के साथ ही अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रु। की सहायता दी जाए, संपूर्ण कर्जमाफी की जाए, फसल बीमा की दमनकारी शर्तों को शिथिल किया जाए और सभी किसानों को बीमा प्रदान किया जाए, अतिवृष्टि के कारण घरों और पशुधन में हुए नुकसान के लिए बिना किसी मापदंड के तत्काल सहायता प्रदान की जाए, ग्रीष्मकालीन अनाज फसलों के बकाया का बोनस तुरंत किसानों के खातों में जमा किया जाए और खरीफ फसलों के लिए 30 हजार रु। प्रति हेक्टेयर बोनस की घोषणा की जाए।
