

Goregaon Tehsil: आगामी नगर पंचायत चुनाव के लिए पार्षद आरक्षण की लॉटरी आज निकलने जा रही है। यहां चुनाव आयोग द्वारा 2011 के जनगणना अनुसार ही नगराध्यक्ष का आरक्षण निकाल गया है। जिसमें ST को गोरेगांव नगराध्यक्ष की कमान दी गई है। लेकिन आगामी चुनाव के लिए इच्छुक प्रत्याशीयों ने 2019 के नई नगर रचना अनुसार अपने प्रभागों में पूरे 5 साल मेहनत की है। ऐसे में आगामी चुनावों का आरक्षण पुरानी नगर रचना अनुसार निकाला जाता है, तो अनेक इच्छुक प्रत्याशीयों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। 8 अक्टूबर के पार्षद आरक्षण लॉटरी को लेकर शहर में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
गोरेगांव शहर में इन दिनों आगामी नगर पंचायत चुनावों की चर्चाएं जोरों पर है। नगराध्यक्ष आरक्षण ST प्रत्याशी को जाहिर होने के बाद अब पार्षद आरक्षण लॉटरी पर सबकी नजर है। उल्लेखनीय है कि यहां इच्छुक प्रत्याशी चुनाव आयोग की नई नगर रचना अनुसार अपने प्रभागों मतदाताओं से पुरे 5 वर्षों से संपर्क में हैं। लेकिन आगामी चुनाव 2011 के जनगणना अनुसार होने जा रहे है। ऐसे में आगामी नगर पंचायत चुनाव 2015 की पुरानी नगर रचना अनुसार होने की चर्चा है।
जिसमें प्रभागों का आरक्षण की स्थिति जैसे की वैसी रह सकती है। केवल लॉटरी के माध्यम से महिला या पुरुष बदले जा सकते हैं। ऐसे में अनेक प्रत्याशियों के पार्षद बनने के सपने अधूरे रह सकते हैं। वहीं दूसरी ओर पुरे शहर का चुनावी समीकरण पूरी तरह बदले जाने की संभावना है। यहां भाजपा, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस अजीत पवार गुट जैसे सभी बड़े दलों को फिर से उम्मीदवारों की तलाश करनी होगी।
शहर में स्थित पार्टी दिग्गज नेताओं के घरों में चुनावों को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। पुरे 10 वर्षों बाद नगर पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं। जिसके लिए सभी दलों ने अपनी कमर कस ली है। वहीं चुनाव आयोग के निर्देशों अनुसार पार्षद आरक्षण निकाले जाने की मांग गोरेगांव मतदाताओं द्वारा की जा रही है।