Gondia News: नायलॉन मांजा विक्रेताओं में हड़कंप, हाई कोर्ट के आदेश से बढ़ी कार्रवाई
High Court Nylon Manja Ban: नायलॉन मांजा पर हाई कोर्ट की सख्ती। इस्तेमाल पर ₹50,000 और बेचने पर ₹2.5 लाख जुर्माना। आदेश लागू, प्रशासन ने जारी किया नोटिस।
- Written By: प्रिया जैस
नायलॉन मांझा (सौजन्य-नवभारत)
Nagpur High Court Order: नायलॉन मांझा के घातक दुष्प्रभावों और लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए उच्च न्यायालय, खंडपीठ नागपुर ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने आदेश जारी किया है कि अब नायलॉन मांझा बेचने और उसका उपयोग करने वालों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा। इस संबंध में जिला प्रशासन ने आम जनता के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी कर सख्त चेतावनी दी है।
इस नोटिस के बाद जिले के नायलॉन मांझा बेचनेवालों में हडकंप मच गया है, उच्च न्यायालय की ओर से पारित निर्देशों के अनुसार, यदि कोई बच्चा नायलॉन मांझा से पतंग उड़ाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके माता-पिता को 50,000 रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया जाएगा। कोई भी वयस्क व्यक्ति नायलॉन मांझा का उपयोग करते पाया गया, तो उस पर स्वयं 50,000 रुपये का दंड लगाया जाएगा।
आमजन को आपत्ति नहीं
जो दुकानदार या विक्रेता नायलॉन मांझा का स्टॉक रखते या बेचते हुए पकड़े जाएंगे, उन्हें प्रति उल्लंघन 2,50,000 रुपये न्यायालय में जमा करने होंगे, न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि 2021 से प्रतिबंध के बावजूद नायलॉन मांझा का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है, जिससे मासूमों की जान जा रही है।
सम्बंधित ख़बरें
गोंदिया के स्कूलों में ही मिलेंगे जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र: आपले सरकारी सेवा केंद्र अब स्कूलों में भी
बिल तुरंत जमा नहीं किया तो 48 गांवों का रुकेगा पानी, गोंडिया में जलापूर्ति विभाग ने जारी किया आदेश
गोंदिया के नाबालिक दुष्कर्म मामले में 3 आरोपि 14 दिन की जुडिशल कस्टडी में, देखें पूरी अपडेट
गोंदिया में मानसून की देरी से किसान परेशा; अब तक केवल 1,252 हेक्टेयर पर धान की रोपाई
यह भी पढ़ें – महायुति के लिए सीट नहीं छोड़ेगी बीजेपी! शिवसेना-भाजपा में देर रात तक चली बैठक, बैठी रह गई एनसीपी
इस प्रस्तावित दंड के खिलाफ यदि किसी को कोई आपत्ति है या अपनी बात कहनी है, तो वे 5 जनवरी को SMPIL क्रमांक 1/2021 की सुनवाई के दौरान कोर्ट में हाजिर होकर अपना पक्ष रख सकते हैं। यदि कोई उपस्थित नहीं होता है, तो यह मान लिया जाएगा कि आम जनता को इस कठोर जुर्माने पर कोई आपत्ति नहीं है।
