महायुति के लिए सीट नहीं छोड़ेगी बीजेपी! शिवसेना-भाजपा में देर रात तक चली बैठक, बैठी रह गई एनसीपी

Mahayuti Seat Sharing: नागपुर मनपा चुनाव से पहले महायुति में खींचतान तेज। भारतीय जनता पार्टी पर सहयोगी दलों को सीट न देने और टाइमपास करने के आरोप लगाए जा रहे है।
Mahayuti Seat Sharing: नागपुर मनपा चुनाव से पहले महायुति में खींचतान तेज। भारतीय जनता पार्टी पर सहयोगी दलों को सीट न देने और टाइमपास करने के आरोप लगाए जा रहे है।
अजित पवार-देवेंद्र फडणवीस-एकनाथ शिंदे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Politics: मनपा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के लिए मात्र 4 दिन ही शेष हैं लेकिन राज्य में सत्ताधारी पार्टियों के बीच महायुति का ऐलान अब तक नहीं हो पाया है। नागपुर में 15 वर्ष तक सत्ता में रही बीजेपी ने एक सहयोगी पार्टी शिंदे शिवसेना से ही चर्चा की है लेकिन राष्ट्रवादी कांग्रेस अजीत पवार गुट से चर्चा तक नहीं हुई है।

बीजेपी नेता दावा तो कर रहे हैं कि नागपुर सहित विदर्भ के 4 मनपा में महायुति मिलकर चुनाव लड़ेगी लेकिन ऐसा व्यावहारिक रूप से नजर नहीं आ रहा है। नागपुर में तो उसने राकां को छोड़ दिया है। जानकारी मिली कि गुरुवार को राकां के नागपुर चुनाव निरीक्षक बैठक के लिए आकर बैठे थे लेकिन शिंदे सेना के साथ बैठक के बाद बीजेपी की ही लगभग आधी रात तक बैठक जारी रही और निरीक्षक बैठे ही रह गए।

उम्मीद थी कि दूसरे दिन शनिवार को राकां को बुलाया जाएगा लेकिन चर्चा के लिए कोई ऑफर नहीं आया। अब तो सहयोगी दलों के स्थानीय नेता आरोप लगा रहे हैं कि बीजेपी सहयोगी दलों के लिए सीटें छोड़ने के मूड में नहीं है। इसलिए टाइमपास कर रही है।

120 सीटों का टारगेट

मनपा में भाजपा के 108 नगरसेवक थे। इस बार उसने 120 का टारगेट रखा है। अगर इतनी सीटें जीतनी हैं तो उसे कम से कम 130-135 सीटों पर तो अपने उम्मीदवार उतारने ही होंगे। यही कारण है कि वह सहयोगी दलों को तवज्जो नहीं दे रही है। अगर वह 130 सीटों पर भी उम्मीदवार उतारती है तो 21 सीटें ही शिंदे सेना व राकां अजीत पवार के लिए बचेंगी। इतने पर दोनों पार्टियों के नेता कभी राजी नहीं होंगे।

बीजेपी महायुति में शामिल शिंदे सेना को ही कुछ अहमियत दे रही है। राकां को उसने अब तक साइड में ही रखा है। नागपुर में बीजेपी-शिंदे सेना का मिलकर चुनाव लड़ना तय हो चुका है। शिंदे सेना ने 50 सीटों की मांग की थी। जानकारी मिली है कि बैठक के बाद वह 25 पर आ गई है। अगर इतनी सीटें बीजेपी उसके लिए छोड़ती है तो भी बड़ी बात होगी। बीजेपी उसे 15 सीट दे सकती है। नागपुर में दोनों दल गठबंधन कर लड़ेंगे।

राकां स्वतंत्र लेकिन घोषणा का इंतजार

उधर, महायुति में शामिल राकां अजीत पवार गुट ने बीजेपी के अब तक के रवैये को देखते हुए अपनी रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रशांत पवार ने बताया कि शहर में पार्टी की ताकत काफी बढ़ी है और लोग राकां के समर्थन में हैं। हम पूरी ताकत से सभी सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार हैं। नागपुर मनपा को लेकर बीजेपी के साथ अब तक किसी तरह की चर्चा नहीं हुई है।

नामांकन भरने की तिथि करीब है और उम्मीदवारों ने पर्चा भरना शुरू भी कर दिया है। 1-2 दिनों में गठबंधन हुआ तो उस हिसाब से निर्णय लिया जाएगा। वहीं कार्याध्यक्ष श्रीकांत शिवणकर ने बताया कि 350 इच्छुक उम्मीदवारों के इंटरव्यू हो गए हैं। प्रक्रिया जारी है। गठबंधन की घोषणा की राह देख रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं में चर्चा चल रही है। क्या तय होता है, यह देखेंगे अन्यथा स्वतंत्र रूप से उम्मीदवार उतारने की पूरी तैयारी है।

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