कोहमारा-देवरी फ्लाईओवर पर ‘नो एंट्री’! अनुभवी ठेकेदार ही करेंगे काम, नागरिकों ने NHAI को दी दो टूक चेतावनी
NHAI NH-53 Flyover: कोहमारा-देवरी फ्लाईओवर निर्माण। अनुभवी कंपनियों को ही मिले ठेका! NHAI को स्थानीय नागरिकों की चेतावनी। पुराने घटिया कामों को लेकर जनता में भारी रोष।
- Written By: प्रिया जैस
कोहमारा-देवरी उड़ानपुल (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Kohmara-Devri Construction: मुंबई-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 53 पर कोहमारा-देवरी में उड्डान पुल निर्माण करने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन स्थानीय नागरिकों की जोरदार मांग है कि यह प्रक्रिया किसी अनुभवी और गुणवत्तापूर्ण कंपनी को दी जाए। नागरिकों ने बताया कि पहले देवरी घाट, शशिकरण घाट, साकोली और सौंदड़ परिसर में हाईवे के काम में कुछ कंपनियों ने बहुत धीरे काम किया।
इस वजह से लोगों को कई वर्षों तक यातायात जाम, धूल की समस्या और हादसों का खतरा उठाना पड़ा। उल्लेखनीय है कि सौंदड़ परिसर में रुके हुए कामों से लोगों में रोष व्याप्त है। मासूलकसा घाट और शशिकरण घाट परिसर में पुलों का बह जाना, सड़कों का बार-बार टूटना और पियर कैप में दरारें जैसी गंभीर कमियां सामने आईं।
टूटी सड़क अभी भी अधूरी
लोगों ने कहा कि मासूलकसा घाट में टूटी सड़क अभी भी पूरी ठिक नहीं हुई है, जो प्रशासन की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है। इस पृष्ठभूमि में, लोगों ने यह कड़ा रुख अपनाया है कि कोहमारा-देवरी उड़ानपुल जैसा महत्वपूर्ण प्रकल्प उन कंपनियों को नहीं दिया जाना चाहिए जो काम में ढिलाई बरत रही हैं या खराब क्वालिटी का काम कर रही हैं।
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कंपनी से कमीशन लेकर काम न दें
जिस कंपनी को फ्लाईओवर बनाने का अनुभव है, उसे NHAI द्वारा काम दिया जाए। कोहमारा व देवरी में फ्लाईओवर का काम किसी भी कंपनी को कमीशन लेकर नहीं दिया जाए। अन्यथा जन आंदोलन किया जाएगा।
– महेश डुंभरे, पूर्व उपजिला प्रमुख, शिवसेना युवासेना, गोंदिया
दोबारा गलती पर करेंगे तीव्र आंदोलन
मांग है कि देवरी घाट, शशिकरण घाट और मोहघाटा परिसर में पहले काम कर चुकी संबंधित कंपनियों को दोबारा मौका न दिया जाए। लोगों ने NHAI प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि अगर यही गलतियां दोबारा हुईं तो तीव्र आंदोलन किया जाएगा। कोहमारा और देवरी परिसर की एकमत मांग है कि लोगों की जिंदगी से जुड़े इस प्रकल्प में बिना किसी समझौता के किसी अनुभवी और गुणवत्तापूर्ण कंपनी को ठेका दिया जाए।
