70 साल पुराना राजकमल पुल अब होगा जमींदोज, तोड़ने का काम शुरू! अमरावती आने वाली ट्रेनों पर पड़ेगा असर?

Rajkamal Flyover Amravati: अमरावती के राजकमल उड़ान पुल को तोड़ने का काम शुरू। 7 माह से बंद पुल 1 महीने में होगा जमींदोज। जानें ट्रेनों पर क्या होगा असर और कब बनेगा नया पुल।
Demolition of the 70-year-old Rajkamal flyover in Amravati begins. Mumbai's Matte Associates to finish work in 1 month. New bridge construction to follow.
राजकमल फ्लाईओवर तोड़ने का काम शुरू (सौजन्य-नवभारत)
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Amravati Railway Station News: अमरावती विगत कई माह से बंद पड़े शहर के मध्य स्थित राजकमल रेलवे उड़ान पुल को तोड़ने का काम अब शुरू हो चुका है। पुल को तोड़ने के लिए मुंबई की मत्ते कंपनी को यह ठेका दिया गया है। जो 1 महीने में इस पुल को तोड़ने का काम पूरा करने की अपेक्षा है।

बंद पुल से नागरिक परेशान

ज्ञात हो कि शहर की लाइफ लाइन मानी जाने वाली राजकमल से रेलवे स्टेशन–हमालपुरा की ओर जाने वाला रेलवे पुल जर्जर अवस्था के चलते विगत 7 माह से बंद पड़ा है। यहां पर हर तरह की आवाजाही बंद है। ऐसे में नागरिकों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। जिसके लिए पुल का काम जल्द शुरू करने व यहां पर आवाजाही शुरू करने की मांग नागरिकों द्वारा लगातार की जा रही है। अब बुधवार को मत्ते कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा पुल तोड़ने का काम लिया गया है। पुल तोड़ने की इस प्रक्रिया में लगभग 1 माह लग सकता है। जिसके बाद पुल निर्माण को लेकर नई निविदा निकाली जाएगी। पश्चात ही पुल निर्माण का कार्य शुरू होगा। वैसे पुल तोड़ने के लिए मशीनरी आदि को यहां पहुंचा दिया गया है और यातायात रोकने के लिए जो दीवारें खड़ी की गई थीं, उन्हें तोड़ने हेतु पुल के एकदम बीच में यह सामग्री पहुंचाई जा रही है।

पुल तोड़ने से ट्रेनों पर पड़ सकता है असर

देखा जाए तो पुल के ठीक नीचे अमरावती रेलवे स्टेशन होने के चलते पुल तोड़ने के दौरान यहां आने वाली कई ट्रेनें प्रभावित हो सकती हैं। ऐसा माना जा रहा है कि पुल के काम के दौरान यह ट्रेनें बडनेरा तक ही चलाई जा सकती हैं। लेकिन अभी इस बात को लेकर रेलवे विभाग की ओर से किसी तरह की कोई सूचना नहीं आई है। वहीं यह भी माना जा रहा है कि पुराने रेलवे पुल को नए सिरे से बनाने के दौरान इसमें कुछ नए बदलाव किए जा सकते हैं, जिसके कारण पैदल यात्रियों के लिए भी सुविधा मिल सकती है।

ध्वस्तीकरण के बाद नए पुल निर्माण की तैयारी

निर्माण कार्य हेतु नई निविदा की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात संबंधित विभाग की ओर से कही जा रही है। 1 माह बाद पुल के जमींदोज होते ही युद्ध स्तर पर पुल निर्माण कार्य को गति दी जा सकती है। लेकिन इस बीच 70 वर्षों से अधिक समय तक शहरवासियों को सुविधा देने वाले इस पुल के बंद होने से नागरिकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं नए पुल बनने तक शायद 1 वर्ष तक और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

संयुक्त रूप से बनेगा नया उड़ानपुल

रेलवे ओवरब्रिज (उड़ानपुल) का नया निर्माण लोकनिर्माण विभाग और रेलवे विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। योजना के अनुसार रेलवे सीमा क्षेत्र में आने वाले हिस्से का निर्माण रेलवे विभाग करेगा, जबकि पुल के अप्रोच मार्ग (एप्रोच रोड) का निर्माण लोकनिर्माण विभाग द्वारा किया जाएगा।

2 करोड़ के ठेके से होगा पुराने पुल का ध्वस्तीकरण

जर्जर होने के कारण 24 अगस्त 2025 की मध्यरात्रि से जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस रेलवे ओवरब्रिज को बंद कर दिया था। बाद में पुल को गिराने के लिए भुसावल मध्य रेलवे ने ई-निविदा प्रक्रिया चलाई, जिसमें मुंबई की मत्ते एसोसिएट्स कंपनी को करीब 2 करोड़ रुपये का ठेका मिला। कंपनी द्वारा पुल के ऊपरी हिस्से को तोड़ने का काम किया जाएगा। मशीनरी और कामगार अमरावती पहुंच चुके हैं, हालांकि मशीनरी में आई तकनीकी खराबी के कारण काम शुरू होने में थोड़ी देरी हुई।

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