मक्का बेचकर भी खाली हाथ हैं अन्नदाता! खरीदी के कई सप्ताह बाद एक भी किसान को नहीं हुआ भुगतान
Bhandara Maize Procurement: भंडारा जिले में सरकारी मक्का खरीदी के 23 दिन बाद भी किसानों को भुगतान नहीं मिला है। अब तक 206 किसानों से 8,735 क्विंटल मक्का खरीदा जा चुका है।
Maize Procurement (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Bhandara Farmer Payment Pending: ऑनलाइन पंजीयन 3,991 पंजीयन क्षेत्र हे. 3,241 मक्का खरीदी क्विं में 8,735 भंडारा, ब्यूरो। खरीफ सीजन के तहत जिले में सरकारी स्तर पर मक्का खरीदी की प्रक्रिया लगातार जारी है, लेकिन अनाज बेचने के बाद भी किसानों की जेब खाली है। अब तक जिले के विभिन्न खरीद केंद्रों के माध्यम से 206 किसानों से कुल 8,735.20 क्विंटल मक्के की खरीदी की जा चुकी है। विडंबना यह है कि फसल बेचने के हफ्तों बाद भी शासन स्तर से एक भी किसान को उसकी उपज का भुगतान नहीं किया गया है, जबकि खरीदी प्रक्रिया शुरू होने के अभी तक तेईस दिन बीत चुके हैं।
वर्तमान में मक्का उत्पादक किसानों की कुल 2,09,64,480 रुपये की बड़ी राशि शासन पर बकाया है, जिसके चलते अपनी हाड़तोड़ मेहनत की कमाई पाने के लिए किसान सरकारी दफ्तरों और बैंकों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। विपणन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जिले में मक्का उत्पादन और पंजीयन की स्थिति तहसीलवार काफी भिन्न रही है।
सरकारी खरीदी के 23 दिन बाद भी किसानों को नहीं मिला पैसा
पूरे जिले में मक्के का कुल उत्पादन क्षेत्र 4,954.55 हेक्टेयर रहा, जिसके एवज में 3,991 किसानों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है। इस पंजीयन के तहत ऑनलाइन क्षेत्र 3,241.82 हेक्टेयर दर्ज किया गया है। 21 मई तक हुई मक्का खरीदी के आंकड़ों पर नजर डालें तो साकोली संभाग के तीन केंद्रों से सर्वाधिक 3,958.50 क्विंटल मक्का खरीदा गया है, जबकि लाखांदुर के एक केंद्र से 1,865 क्विंटल और मोहाड़ी के एक केंद्र से 223.70 क्विंटल मक्के की खरीदी हुई है।
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खाद-बीज के लिए पैसों का इंतजार
इसी तरह पवनी के दो केंद्रों से 966.5 क्विंटल तथा लाखनी के तीन केंद्रों से 525.5 मक्का खरीदा जा चुका है। इसके विपरीत भंडारा तहसील में 139 किसानों के पंजीकरण और 1,196 क्विंटल मक्के की खरीदी की गई है। वहीं तुमसर तहसील में 27.20 हेक्टेयर क्षेत्र होने के बावजूद शून्य पंजीयन दर्ज किया गया।
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भुगतान की कछुआ गति से चिंता बढ़ा। जिले के कुल 13 तहसीलस्तरीय खरीद केंद्रों पर मक्के की आवक तो हो रही है, लेकिन भुगतान की कछुआ गति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खरीफ का नया सीजन सिर पर होने के कारण किसानों को खाद और बीज की चिंता सताने लगी है, इसलिए ग्रामीण अंचल से इस बकाया राशि को तत्काल जारी करने की मांग उठ रही है। ज्ञातव्य हो कि मक्का पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 मई और खरीदी की अंतिम तिथि 31 जून निर्धारित की गई है। इस बार धान की तरह मक्का उत्पादन भी रिकॉर्डतोड़ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
तहसीलवार मक्का पंजीकरण एवं खरीदी की स्थिति
केंद्र ऑनलाइन पंजीयन क्षेत्र हे. मक्का खरीदी क्विं में
- भंडारा: 139 145 1,196
- मोहाड़ी: 342 351 223
- तुमसर: 0 0 0
- लाखनी :847 773 525
- साकोली: 1,464 1,428 3,958
- लाखांदुर :395 429 1,865
- पवनी: 104 113 966
