30 जून से बंद होगा नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प, 1 अक्टूबर से फिर शुरू होगी जंगल सफारी
Wildlife Sanctuary: गोंदिया का नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प 30 जून से मानसून के कारण पर्यटन के लिए बंद हो जाएगा। यह 1 अक्टूबर को दोबारा खुलेगा। मार्च से मई तक 9,130 पर्यटकों ने जंगल सफारी की।
Navegaon Nagzira (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Nagzira Tiger Reserve: गोंदिया भागदौड़ भरी जिंदगी में प्रकृति के सानिध्य में कुछ पल बिताने के लिए बेहद उपयोगी स्थान नवेगांवनागझिरा व्याघ्र प्रकल्प 30 जून को पर्यटन के लिए बंद हो जाएगा। परियोजना सीधे 1 अक्टूबर को खोली जाएगी, जिससे पर्यटकों को निराश होना पड़ेगा। नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प जिले के लिए एक वरदान है।
बड़ी संख्या में पर्यटक जंगल सफारी के लिए इस परियोजना में आते हैं क्योंकि यह परियोजना विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों के साथ-साथ बाघ के दर्शन की गारंटी प्रदान करती है। इसके अलावा, रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर कुछ समय बिताने के लिए यहां हमेशा पर्यटकों का तांता लगा रहता है। हालांकि, मानसून की शुरुआत के कारण जंगल में आंतरिक गतिविधियों का समय होता है। इसके साथ ही यह प्रकल्प अब 30 जून से पर्यटन के लिए बंद होने जा रहा है तथा अब प्रकल्प के गेट सीधे 1 अक्टूबर को खोले जाएंगे।
15 जून को ही होता था बंद
7 जून को मृग नक्षत्र पड़ता है, वर्षा ऋतु प्रारम्भ होती है और हर वर्ष 15 जून से व्याघ्र प्रकल्प पर्यटन के लिए बंद कर दिया जाता है। लेकिन, बारिश ने जोरदार उपस्थिति नहीं दिखाई है। इसलिए 30 जून तक व्याघ्र प्रकल्प खुला रखा गया।
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3 माह में 9,130 पर्यटकों की एंट्री
गर्मी का समय जंगल सफारी का समय है। क्योंकि, जंगली जानवर पानी की तलाश में घने जंगलों से बाहर आते हैं। मुख्यतः बाघ इसी दौरान सबसे अधिक देखा जाता है। इसके बिना किसी पर्यटक की यात्रा पूरी नहीं होती। यही कारण है कि परियोजना में मार्च, अप्रैल और मई तीन माह में 9,130 पर्यटक जंगल सफारी कर चुके हैं। उल्लेखनीय है कि मई महीने में भीषण गर्मी के दौरान सबसे ज्यादा 5,251 पर्यटकों ने जंगल सफारी की है। इस वर्ष मार्च, अप्रैल व मई माह में कुल 9,130 पर्यटकों ने जंगल सफारी की है। जिनसे कुल 24,25,346 रु. का राजस्व प्राप्त हुआ।
