Navegaon Nagzira टाइगर रिजर्व बना इको-टूरिज्म का नया हॉटस्पॉट, 4 नए गेट और नाइट सफारी से बदलेगा पर्यटन

Gondia News: नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प में 1 मई से चार नए गेट खुलेंगे, जहाँ पर्यटक नाइट सफारी का आनंद ले सकेंगे। साथ ही टाटा समूह के सहयोग से स्थानीय लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
Navegaon Nagzira Tiger Reserve (1)
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Navegaon Nagzira Tiger Reserve: गोंदिया नागझिरानवेगांव व्याघ्र प्रकल्पएनएनटीआर में 1 मई से चार नए गेट खोले जाएंगे। इसमें नवेगांवबांध के पास माधवझरी और जांबलीदोडके, मुरदोलीगोरेगांव और पांगडीगोंदिया जैसे नए गेट पर्यटकों के लिए खोले जा रहे हैं। क्योंकि यह क्षेत्र बफर जोन में आता है इसलिए पर्यटक यहां नाइट सफारी भी कर सकते हैं। नागझिरानवेगांव व्याघ्र प्रकल्प के 150 किमी कोर जोन में है। इसमें 72 पोचिंग कैम्प स्थापित किए गए हैं।

प्रत्येक कैम्प पर 2 ऐसे कुल 144 मजदूर हैं। यहां 16 नाके हैं, जहां 48 मजदूरों को रोजगार मिलता है। इसके अलावा 9 वायरलेस कैंपों में 2025 लोग हैं। नागझिरानवेगांव व्याघ्र प्रकल्प में कुल 68 जिप्सियां हैं। अकेले पिटेझरी गेट पर उनमें से 25 हैं। प्रत्येक जिप्सी में एक चालक और एक गाइड होता है।प्रकल्प के लिए टाटा समूह की पहलटाटा समूह ने नागझिरानवेगांव व्याघ्र प्रकल्प के गांवों की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। इसमें 6070 गांवों का एक समूह शामिल होगा।

इस समूह को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य कपड़े के थैले बनाना, संकरीत गायों का वितरण करना, आदिवासी कलाकृति और चित्रकला को प्रशिक्षित करना, बुरड़ लोगों को प्रशिक्षित करना, मशरूम उत्पादन को प्रशिक्षित करना और इन सभी उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराना है।प्रत्येक गेट पर रहेंगे 10 वाहननिजी वाहनों को नागझिरानवेगांव व्याघ्र प्रकल्प में प्रवेश की अनुमति नहीं है और पर्यटकों को वन विभाग की जिप्सियों के माध्यम से ही सफारी पर जाना पड़ता है।

अब क्योंकि नागझिरानवेगांव व्याघ्र प्रकल्प के चार और गेट खोले जाएंगे तो उनके लिए भी वाहनों की जरूरत पड़ेगी। इसके चलते एक गेट पर 1010 कुल 40 जिप्सियों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि पर्यटकों को वाहनों की कमी से परेशानी न हो।

स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार ताड़ोबा, पेंच के बाद अब पर्यटक नवेगांवनागझिरा व्याघ्र प्रकल्प का रुख कर रहे हैं। पर्यटक जंगल सफारी का आनंद ले सकते हैं। इसका उद्देश्य कौशल विकास के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। प्रीतमसिंग कोडापे, उपसंचालक, नागझिरानवेगांव व्याघ्र

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