शालार्थ आईडी स्कैम (फाइल फोटो)
Shalarth ID Scam: नागपुर सदर पुलिस थाने में 29 मार्च 2025 को फर्जी कागज पत्र के आधार पर की गई शिक्षकभर्ती संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उसमें 20 से अधिक आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनमें एक आरोपी महेंद्र म्हैसकर ने शिक्षक भर्ती संबंध में शिक्षक संस्थाओं से मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज बनाएं।
यही मामला गोंदिया जिला आमगांव स्थित चंद्रमणि बौद्धविहार समिति इस संस्था अंतर्गत अमृताबेन इंदिराबेन पटेल रिसामा, डॉ. बाबासाहब आंबेडकर हाईस्कूल सरकारटोला, मिलिंद विद्यालय गोरठा, बॅरिस्टर राजाभाऊ खोब्रागडे कनिष्ठ विद्यालय साखरीटोला इन स्कूलों में महिंद्र म्हैस्कर द्वारा अनुकंपा प्रमाणपत्र, फर्जी डिग्रीयां, फर्जी संचमान्यता, फर्जी अल्पसंख्याक प्रमाणपत्र बनाकर 19 शिक्षक कर्मचारी की भर्ती का मामला पुलिस जांच में सामने आया है।
इस संबंध में 13 फरवरी 2026 को नागपुर सदर पुलिस थाने ने शिक्षण अधिकारी माध्यमिक जिप गोंदिया को पत्र लिखकर 19 शिक्षक कर्मचारी भर्ती की जानकारी मांगी है। चंद्रमणि बौद्ध विहार समिति इस संस्था के संस्थापक महेंद्र मेश्राम जीवित होते हुए भी उनके लड़के आदित्य मेश्राम ने अपने चाचा के मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर अनुकंपा तत्वों पर अमृताबेन इंदिराबेन पटेल विद्यालय रिसामा इस स्कूल में प्रयोगशाला सहायक पद के लिए शासकीय नौकरी प्राप्त की।
महिंद्र म्हैसकर को सदर पुलिस ने गिरफ्तार करते ही उसने चुपचाप वेतन द्वारा ली गई राशि वापस की लेकिन आज भी वैयक्तिक मान्यता व शालार्थ आईडी रद्द नहीं हुई। संस्था के संस्थापक महेंद्र मेश्राम की लड़की कोमल मेश्राम कि नियुक्ति 26 फरवरी 2017 को डॉ. बाबासाहब आंबेडकर विद्यालय सरकारटोला में की गई लेकिन शिक्षक पद की योग्यता के लिए B.Ed. की डिग्री आवश्यक है लेकिन इस प्रकरण में कोमल मेश्राम ने B.Ed. सन 2018 को किया। शिक्षक पद की नियुक्ति 2017 में की।
आदित्य मेश्राम इनकी अनुकंपा नौकरी में कोई फर्जी दस्तावेज नहीं लगाए गए हैं, कोमल मेश्राम की शिक्षण सेवक पद पर 11 सितंबर 2024 को एक ही बार नियुक्ति की गई है। लोकचंद ग्यानिराम हेमने की डिग्री कोई फर्जी नहीं है। माध्यमिक में 9 शिक्षक नियुक्त है। प्राथमिक में 1 शिक्षक और उच्च माध्यमिक में 1 शिक्षक नियुक्त है। कनिष्ठ लिपिक सेवक 4 और अनुकंपा परिचर 4 ऐसे कुल 19 कर्मचारियों की भर्ती की गई। हम कानूनी कारवाई करने की सोच रहे हैं।
– महेंद्र मेश्राम, संस्था सचिव
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इसी तरह कोमल मेश्राम को इसी विद्यालय में 11 सितंबर 2024 को नियुक्ति दी गई। एक ही व्यक्ति को 2 नियुक्ति पत्र, 2 मान्यता, 2 शालार्थ आईडी प्राप्त है। लोकचंद हेमने की नियुक्ति 12 जुलाई 2024 को मिलिंद विद्यालय गोरठा में की गई। इनकी डिग्री पुलिस जांच में फर्जी पाई गई। स्कूल में शिक्षकों की जो भर्ती होती है वह स्कूल संच मान्यता के आधार पर होती है।
संच मान्यता सन 2021 से 2026 के अनुसार ही संस्था में कुल 4 पद रिक्त होते हुए भी फर्जी व बनावटी संच मान्यता बनाकर 14 शिक्षकों की पद भर्ती की गई। पुलिस जांच में भी खुलासा हुआ है की, चंद्रमणी बौद्ध विहार समिति भी फर्जी है, फर्जी अल्पसंख्याक प्रमाणपत्र बनाकर 19 शिक्षक कर्मचारियों की भर्ती की गई।