गोंदिया के 96 गांव बाढ़ के रेड जोन में, छह नदियों से बैकवाटर का खतरा बढ़ा
Gondia Flood Red Zone Villages: गोंदिया में मानसून की देरी के बीच 6 नदियों के किनारे बसे 96 गांव 'रेड जोन' में हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने WhatsApp ग्रुप व समितियों के जरिए तैयारी तेज की।
- Written By: केतकी मोडक
बाढ़ प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Flood Prone Villages In Gondia: गोंदिया जिले में छोटी-बड़ी 6 नदियां हैं। इन नदियों को जीवनदायिनी कहा जाता है। लेकिन, मानसून के दौरान ये खतरनाक रूप ले लेती हैं। इन नदियों के किनारे बसे 96 गांवों के नागरिकों को ‘बैकवाटर’ के खतरे का सामना करना पड़ता है। हर साल इनमें से आधे गांवों में बाढ़ का पानी घुस जाता है। फिलहाल मानसून के सक्रिय होने में देरी हो रही है। 12 जून की शाम को बारिश हुई।
नदियां सूखी हैं। छोटे-बड़े नालों का पानी वैनगंगा, गाढ़वी, बाघ, चुलबंद, बहेला, पांगोली नदियों में बहता है। गोंदिया जिले की सबसे बड़ी नदी वैनगंगा है। नदी का तल गहरा होने के कारण आमतौर पर इस नदी का पानी गांवों में नहीं आता है। लेकिन, मानसून के दौरान अन्य नदियां जिले के नागरिकों के लिए खतरे का सबब बन जाती हैं।
सालेकसा, आमगांव और गोंदिया तहसील के कई गांव बाघ और पांगोली दो नदियों से आने वाले बाढ़ के पानी से प्रभावित होते हैं। गाढ़वी, चुलबंद, बहेला नदियों का पानी सड़क अर्जुनी और अर्जुनी मोरगांव तहसील के गांवों में प्रवेश करता है।
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ग्रामीणों ने की पुलों व सड़कों की ऊंचाई बढ़ाने की मांग
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के गांवों में पुल और सड़कों की ऊंचाई कम होने के कारण बाढ़ की स्थिति के दौरान एक गांव से दूसरे गांव का संपर्क पूरी तरह से टूट जाता है।
- इसलिए ग्रामीणों की मांग है कि इस क्षेत्र में पुलों और सड़कों की ऊंचाई बढ़ाई जाए।
- हर साल ये गांव बाढ़ की चपेट में आते हैं। लेकिन, प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
जिला आपदा प्रबंधन विभाग और गांव की सूची भी तैयार
गोंदिया जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राजन चौबे ने कहा है की “जिले के उन गांवों की सूची तैयार कर ली गई है, जहां संभावित बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन गांवों के नागरिकों के वाट्सएप ग्रुप बनाए गए है। जिसके माध्यम से संभावित बाढ़ की पूर्व सूचना इन गांवों के नागरिकों को दी जाएगी। साथ ही इस वर्ष ग्राम आपदा व्यवस्थापन समिति सभी ग्राम पंचायत के माध्यम से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह जिला आपदा प्रबंधन विभाग भी तैयार है और संभावित स्थिति में क्या उपाय किए जाएं, इसकी योजना बना ली गई है।”
टीम में नवीनतम बचाव व राहत उपकरण उपलब्ध
गोंदिया जिले में 96 गांव हैं जो बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। गोंदिया प्रशासन इन गांवों के नागरिकों को बाढ़ के पानी और जानमाल की हानि से बचाने के लिए जिले में प्रशिक्षण, जागरूकता और कार्यशालाओं का आयोजन करता है। जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।
जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन विभाग पिछले कुछ वर्षों से काम कर रहा है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान होने वाली घटनाओं से जान-माल की हानि को रोकने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। टीम में नवीनतम बचाव और राहत उपकरण उपलब्ध हैं। इसलिए, विभाग आपदाओं के दौरान मदद के लिए 24 घंटे तैयार रहता है।
