सरांडी में मौत को दावत दे रही 11 केवी लाइन, ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी
Electrical Safety Issue: तिरोड़ा तहसील के सरांडी गांव में मुख्य मार्ग पर 11 केवी विद्युत लाइन के खतरनाक तरीके से नीचे लटकने को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
11 KV Power Line (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Sarandi Village News: महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी के मुंडीकोटा उपकेंद्र अंतर्गत सरांडी गांव में विद्युत सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खेतों की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर 11 केवी विद्युत लाइन जमीन से मात्र सात फुट की ऊंचाई पर लटक रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों के अनुसार माडगी पावर हाउस से तिरोड़ा पुराने फीडर की 11 केवी टैपिंग लाइन कई स्थानों पर निर्धारित मानकों से काफी कम ऊंचाई पर झूल रही है। किसानों का कहना है कि ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य ऊंचे कृषि वाहनों के संपर्क में आने से गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
कई शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
बरसात के मौसम में यह खतरा और बढ़ गया है। उनका आरोप है कि विभाग सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर लोगों की जान जोखिम में डाल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मोबाइल तथा व्यक्तिगत रूप से समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मरम्मत कार्य के दौरान कुछ कर्मचारी नाबालिग बच्चों से विद्युत खंभों पर चढ़कर काम करवाते हैं। यदि यह आरोप सही पाया जाता है तो यह सुरक्षा नियमों और श्रम कानूनों का गंभीर उल्लंघन होगा। सरांडी फीडर के उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि इसापुरखोडगांव क्षेत्र में फॉल्ट आने पर पूरे फीडर की बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को घंटों परेशानी झेलनी पड़ती है।
निष्पक्ष कार्रवाई नहीं तो उपकेंद्र होगा बंद
ग्रामीणों ने पूर्व कनिष्ठ अभियंता पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर 11 केवी लाइन की ऊंचाई बढ़ाने, सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो मुंडीकोटा उपकेंद्र पर ताला ठोको आंदोलन किया जाएगा। साथ ही मानवाधिकार आयोग और संबंधित विद्युत निरीक्षण विभाग से भी शिकायत करने की बात कही है।
