Railway CCTV Monitoring:नागपुर रेल मंडल (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nagpur Railway Division: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (दपूमरे) के नागपुर मंडल ने मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में जनवरी 2025 से नवंबर 2025 की अवधि के दौरान इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार तथा यांत्रिक विभागों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। इन उपलब्धियों से रेल संरक्षा, परिचालन क्षमता, रखरखाव की गुणवत्ता और संसाधनों के कुशल उपयोग में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग द्वारा गोंदिया-हिरडामाली सेक्शन में नया ‘जंक्शन केबिन गोंदिया’ क्लास-बी स्टेशन, अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, एमएसीएलएस, अग्नि अलार्म और अर्थ लीकेज डिटेक्टर सिस्टम के साथ सफलतापूर्वक कमीशन किया गया।
सालेकसा-धानोली के बीच 7.478 किमी तीसरी लाइन का उद्घाटन, गोंदिया स्टेशन पर 506 रूट्स का यार्ड मॉडिफिकेशन, चांदाफोर्ट में अतिरिक्त लूप लाइन तथा ग्वारीघाट में टॉवर वैगन साइडिंग का कमीशनिंग किया गया। कमजोर स्थानों पर एमएसडीएसी ट्रैक डिटेक्शन, 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, आईसीएमएस एवं एफओआईएस नेटवर्क का विस्तार तथा प्रधानमंत्री के वर्चुअल कार्यक्रमों का सफल आयोजन विभाग की तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।
इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ट्रैक नवीनीकरण कार्यों में उल्लेखनीय तेजी लाई गई। नवंबर 2025 तक टीआरआर (पी) 121.55 किमी, टीएसआर (पी) 55.10 किमी तथा सीटीआर (पी) 88.33 किमी कार्य पूर्ण किए गए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में क्रमशः 99 प्रतिशत, 414 प्रतिशत और 146 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाते हैं। कुल सीटीआर यूनिट्स में भी 138 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई।
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प्लेटफॉर्म लाइनों पर पीक्यूआरएस मशीन से स्लीपर नवीनीकरण कर नागपुर मंडल ने दपूम रेलवे में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिससे गति प्रतिबंध अवधि में कमी और मानव संसाधनों की बचत हुई। रेल गेज फेस लुब्रिकेटर जैसे स्वदेशी नवाचार, रोलर्स द्वारा दोषपूर्ण लेआउट सुधार, जीईडीओ ट्रॉली आधारित डिजाइन-मोड टैम्पिंग तथा डीकेयू साइडिंग में रिकॉर्ड 23 दिनों में सीटीआर कार्य पूर्ण कर इंजीनियरिंग विभाग ने कार्यकुशलता की नई मिसाल कायम की।
यांत्रिक (सी एंड डब्ल्यू) विभाग द्वारा वर्ष 2025 में 68 विशेष ट्रेनों का सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन किया गया। हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर की स्थापना से समय रहते 7 वैगनों को अलग कर संभावित दुर्घटनाओं को टाला गया। डीकेयू एवं एससीएमएम साइडिंग पर 4,318 वैगनों की मरम्मत, शून्य कोच डिटैचमेंट, 146 मालगाड़ियों का गहन निरीक्षण तथा क्षति व कमी शुल्क के रूप में ₹80.17 लाख की वसूली की गई। इस अवधि में ‘रेल मदद’ शिकायतों में 53.24 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
डीजल (डी) विभाग में डीएलएस/एमआईबी द्वारा आउटेज लक्ष्य से अधिक 31.03 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई। डीजल लोको फेल्योर में 42 प्रतिशत से अधिक की कमी, एचएसडी तेल खपत में 50 प्रतिशत से अधिक की बचत तथा स्क्रैप निपटान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। गोंदिया स्थित डीईएमयू शेड में प्रमुख शेड्यूल, आईओएच, ईंधन दक्षता और स्क्रैप निपटान में सुधार हुआ। मेमू इनइफेक्टिव प्रतिशत में 77 प्रतिशत से अधिक की कमी और ईंधन खपत में सुधार दर्ज किया गया।