‘मदरसा आतंकवादी तैयार करने का अड्डा’, मालेगांव नमाज विवाद पर नितेश राणे की विवादित टिप्पणी
Nitesh Rane Madarsa Statement: भाजपा नेता नितेश राणे ने मालेगांव नमाज विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी और मदरसों को बंद करने की मांग की। साथ ही कोंकण रो-रो सेवा की जानकारी साझा की।
- Written By: अनिल सिंह
Nitesh Rane Madarsa Statement (फोटो क्रेडिट-X)
Malegaon Municipal Corporation Namaz Dispute: महाराष्ट्र विधानसभा परिसर के बाहर भाजपा विधायक नितेश राणे ने एक बार फिर अपने तीखे बयानों से सियासी पारा चढ़ा दिया है। मालेगांव नगर निगम (MMC) के बिजली विभाग के कार्यालय में कर्मचारियों और स्थानीय लोगों द्वारा नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल होने के बाद राणे ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस कृत्य को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि सरकारी दफ्तर विकास कार्यों के लिए होते हैं, धार्मिक गतिविधियों के लिए नहीं।
राणे ने इस दौरान मदरसों को लेकर भी विवादित टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने मदरसों को बंद कर उन्हें सामान्य स्कूलों में तब्दील करने की मांग की। उनके इन बयानों पर विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिससे सदन के बाहर और भीतर तनाव बढ़ गया है।
मालेगांव नमाज विवाद और ‘जय मीम’ का नारा
नितेश राणे ने मालेगांव नगर निगम में हुई घटना पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने प्रतिनिधियों को शहर के विकास और बुनियादी सुविधाओं के लिए चुना है, न कि सरकारी भवनों में नमाज पढ़ने के लिए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “चुनाव के वक्त ये लोग ‘जय भीम’ का नारा लगाते हैं, लेकिन चुनाव जीतते ही ‘जय मीम’ पर उतर आते हैं और टीपू सुल्तान की फोटो लगाने लगते हैं।” राणे ने मांग की कि जिन कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर का उपयोग नमाज के लिए किया है, उन्हें तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि इतनी सारी मस्जिदें मौजूद हैं, तो सरकारी इमारत में नमाज पढ़ने की क्या आवश्यकता है?
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मदरसों को बंद करने की मांग और ‘आतंक’ का आरोप
मदरसों पर कड़ा रुख अपनाते हुए नितेश राणे ने उन्हें ‘आतंकवादी तैयार करने का अड्डा’ करार दिया। उन्होंने दावा किया कि मदरसों में शिक्षा का कोई वास्तविक संबंध नहीं है और वहां केवल धार्मिक कट्टरता सिखाई जाती है। राणे ने मुख्यमंत्री से मांग की कि राज्य के सभी मदरसों को बंद कर उन्हें स्कूलों में बदल दिया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि कुरान की शिक्षा के लिए मस्जिदें पर्याप्त हैं और सरकारी अनुदान पर चलने वाले संस्थानों में केवल आधुनिक और मराठी माध्यम की शिक्षा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्या किसी इस्लामिक देश में भगवद गीता सिखाने की अनुमति इसी तरह दी जाती?
कोंकण जलमार्ग: मुंबई-विजयदुर्ग रो-रो सेवा
विवादित बयानों के बीच राणे ने कोंकण क्षेत्र के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार मुंबई को कोंकण से जलमार्ग के जरिए जोड़ने की परियोजना पर तेजी से काम कर रही है। मार्च 2026 से मुंबई और विजयदुर्ग के बीच रो-रो फेरी सेवा शुरू होने जा रही है, जिसकी टिकट बुकिंग की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है। राणे के अनुसार, इस परियोजना से कोंकण में पर्यटन, कृषि उत्पादों के परिवहन और स्थानीय रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
