
आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Gondia News: कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन शोषण को रोकने के लिए अब सरकारी और निजी प्रतिष्ठानों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के प्रभावी कार्यान्वयन और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल भी लॉन्च किया है। अब सभी निजी प्रतिष्ठानों के लिए इस पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। अधिनियम के अनुसार, जिन प्रतिष्ठानों में 10 या अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। ऐसा न करने पर अधिनियम में 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है, ऐसी जानकारी जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी रेशमा मोरे ने दी।
जिले के निजी स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, नर्सिंग होम, मॉल, मनोरंजन केंद्र तथा अर्द्ध-सरकारी प्रतिष्ठानों को इन निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। सभी प्रतिष्ठान अपने संस्थान को पोर्टल पर तुरंत पंजीकृत करें। इसके लिए वेबसाइट पर प्राइवेट हेड ऑफिस रजिस्ट्रेशन टैब में जाकर सही जानकारी भरें और ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें। पंजीकरण के बाद नोडल अधिकारी से अनुमोदन प्राप्त कर, ई-मेल पर प्राप्त संदेश के अनुसार जानकारी अपडेट करना भी अनिवार्य है। इस पोर्टल के माध्यम से महिला कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना और उसकी सुनवाई कराना आसान हो जाएगा।
यह व्यवस्था प्रशासन को प्राप्त शिकायतों पर समय पर और प्रभावी कार्रवाई करने में मदद करेगी। इसी प्रकार, 10 या अधिक कर्मचारियों वाले सभी सरकारी कार्यालयों को भी इन निर्देशों का पालन करना होगा और पोर्टल पर पंजीकरण कराना आवश्यक है।
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प्रतिष्ठान अपने उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड प्राप्त करने अथवा आंतरिक शिकायत समिति की स्थापना संबंधी रिपोर्ट जमा करने के लिए जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय, नवीन प्रशासकीय भवन, तृतीय तल, कक्ष क्रमांक 36, जयस्तंभ चौक, गोंदिया से तुरंत संपर्क कर सकते हैं। ऐसी अपील जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने की है।






