आंधी-तूफान ने बिगाड़ी सिंचाई व्यवस्था, सोलर पैनल टूटने से किसान को भारी नुकसान
Gondia Farmer: अमरावती विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन के अंतिम दौर में भी भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिससे चुनावी मुकाबला बेहद रोचक हो गया है।
- Written By: केतकी मोडक
भीमराव साखरे का टूटा हुआ सोलर पैनल (सोर्स - नवभारत)
Gondia Farmer Compensation News: गोंदिया जिले के गोरेगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बोटे में आई तेज आंधी-तूफान के कारण एक स्थानीय किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में क्षेत्र के पीड़ित किसान भीमराव येदू साखरे के खेत में लगे तमाम सोलर पैनल तेज हवाओं के कारण हवा में उड़ गए और उनमें से कई पैनल पूरी तरह से टूटकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अचानक हुए इस हादसे से किसान को बहुत बड़ा आर्थिक झटका लगा है।
भीमराव साखरे ने अपने खेत में सुचारू सिंचाई व्यवस्था के लिए भारी लागत लगाकर सौर ऊर्जा पर आधारित इस आधुनिक प्रणाली को स्थापित किया था। इसी सोलर पैनल ग्रिड के माध्यम से उनके खेतों में खड़ी फसलों को नियमित रूप से पानी की आपूर्ति की जाती थी, लेकिन अचानक आए इस विनाशकारी तूफान ने उनकी पूरी बनी-बनाई व्यवस्था को पल भर में नष्ट कर दिया है। कुछ सोलर पैनल बीच से टूटकर सीधे जमीन पर गिर गए, जबकि कुछ पैनल हवा के तेज झोंकों के साथ उड़कर काफी दूर जा गिरे हैं। इसके कारण खेत की पूरी सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है।
गर्मी के मौसम में मिर्च व नकदी फसलों के सूखने का डर
वर्तमान समय में इस प्रभावित खेत के भीतर मिर्च सहित अन्य महत्वपूर्ण नकदी फसलों की बड़े पैमाने पर खेती की जा रही है। जैसा कि सभी जानते हैं, इस भीषण गर्मी के मौसम में फसलों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में पानी देना बेहद जरूरी होता है। लेकिन, सोलर पैनल ग्रिड के पूरी तरह से खराब हो जाने के कारण खेत में सिंचाई की गंभीर बाधाएं पैदा हो गई हैं।
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पानी के अभाव में अब फसलों के झुलसने और उनके कुल उत्पादन पर बेहद बुरा असर पड़ने का बड़ा डर किसान को सता रहा है। प्रकृति के लगातार बदलते मिजाज के कारण क्षेत्र के किसान पहले से ही चौतरफा संकट में घिरे हुए हैं। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और अब इन विनाशकारी तूफानी हवाओं ने खेती-किसानी को भारी नुकसान पहुंचाया है।
आपदा प्रबंधन और कृषि विभाग तुरंत जारी करे पंचनामा
इस समय भीमराव साखरे जैसे छोटे किसानों को दोहरे गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। क्षतिग्रस्त हुए इन सोलर पैनलों की दोबारा मरम्मत कराने में बहुत भारी लागत आने की उम्मीद है, जिसका तत्काल भुगतान करना मौजूदा तंगी के हालात में इस गरीब किसान के लिए पूरी तरह से असंभव है।
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इस विकट स्थिति को देखते हुए बोटे क्षेत्र के अन्य किसान व ग्रामीण एकजुट हो कर गोंदिया सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के साथ-साथ स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारी भी तुरंत इस खेत का दौरा करें। वे मौके पर पहुंचकर नुकसान का सटीक पंचनामा जारी करें और प्रभावित किसान को जल्द से जल्द उचित आर्थिक सहायता प्रदान करें।
ग्रामीणों को पूरी उम्मीद है कि प्राकृतिक आपदा से हुए इस भारी नुकसान का सरकारी मुआवजा मिलने से पीड़ित किसान को इस संकट से उबरने में बड़ी मदद मिलेगी।
