गोंदिया के 37 हजार किसानों का 395 करोड़ रुपये का भुगतान अटका, खरीफ सीजन पर संकट

Farmers Payment Pending : गोंदिया जिले में रबी सीजन के दौरान सरकारी धान खरीदी केंद्रों पर धान बेचने वाले 37,325 किसानों का 395।54 करोड़ रुपये का भुगतान पिछले एक महीने से लंबित है।
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Gondia Paddy Procurement (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
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Gondia Paddy Procurement: रबी सीजन के दौरान जिला मार्केटिंग फेडरेशन के धान खरीदी केंद्र पर धान बेचने वाले 37 हजार किसानों को पिछले महीने से 395 करोड़ रु. का भुगतान नहीं किया है। परिणामस्वरूप, खरीफ सीजन से पहले ही किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं और किसानों को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए रिश्तेदारों और साहूकारों के दरवाजे पर खड़े होने का समय आ गया है। जिले में इस समय रबी सीजन की धान खरीदी चल रही है।

रबी में धान खरीदी के लिए जिला मार्केटिंग फेडरेशन ने 193 खरीदी केंद्र स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 189 केंद्रों पर धान खरीदी की प्रक्रिया एक माह से चल रही है। किसानों को समर्थन मूल्य से कम कीमत नहीं मिले, इसलिए सरकार जिला मार्केटिंग फेडरेशन और आदिवासी विकास महामंडल के तहत खरीफ और रबी दोनों मौसमों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदती है। इस वर्ष रबी सीजन में 76 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई की गई थी।

किसानों को साहूकारों और रिश्तेदारों का सहारा

इस वर्ष धान का उत्पादन भी अच्छा हुआ है। बाजार में धान की कीमत कम होने के कारण किसान सरकारी धान खरीदी केंद्र पर ही धान बेच रहे है। इससे धान खरीदी केंद्र पर आमद बढ़ गई है। सरकारी धान खरीदी केंद्र पर धान बेचने के लिए किसानों को सरकार के बीम पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके लिए जिले के 75 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया। जिसमें से 37,325 किसानों ने अब तक 16,69,682 क्विंटल धान बेचा है। साहूकारों के पास जाने को मजबूर किसान किसानों द्वारा बेचे गये धान की कुल कीमत 395.54 करोड़ रु. है। लेकिन, सरकार ने पिछले एक माह से धान बकाया के लिए राशि उपलब्ध नहीं कराई है। 395.54 करोड़ रु. का बकाया अटका हुआ है।

खरीफ की तैयारी कर रहे किसान परेशान

किसानों को पैसों की जरूरत है क्योंकि इस समय खरीफ सीजन का काम चल रहा है। इसलिए किसानों ने धान की कटाई चुराई जल्दी कर ली और जरूरत के हिसाब से बेच दिया। लेकिन, भुगतान नहीं होने के कारण किसान आर्थिक संकट में हैं और उन्हें अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए रिश्तेदारों और साहूकारों के दरवाजे पर खड़ा होना पड़ रहा है। मक्का खरीद में दिक्कत जारी मई महीना खत्म हो गया है, लेकिन मक्का खरीदी की दिक्कत खत्म नहीं हुई है। गोदामों की कमी के कारण मक्का खरीदी में दिक्कतें आ रही हैं। इस वजह से किसान दुविधा में हैं।

37 हजार किसानों को राशि का इंतजार

जिला मार्केटिंग फेडरेशन अधिकारी विवेक इंगले ने कहा कि अब तक सिर्फ 375 किसानों से 18,734 क्विंटल मक्का खरीदा गया है। जबकि मक्का बेचने के लिए 3,583 किसानों ने पंजीकरण कराया है। सरकार से निधि की मांग जिला मार्केटिंग फेडरेशन ने पिछले सप्ताह ही किसानों के बैंक खातों में 395 करोड़ रु. का बकाया जमा करने के लिए सरकार से निधि की मांग की है। लेकिन अभी तक शासन से राशि नहीं मिली है।

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