Gondia Unseasonal Rain (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gondia Farmers: गोंदिया जिले में बुधवार, 1 अप्रैल की रात करीब आठ बजे अचानक आए तूफान और बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचाई है। हालांकि बारिश कम थी, लेकिन हवाओं की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर टीन के शेड उड़ गए। साथ ही मक्का सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली है।
वहीं धान फसल को इस बेमौसम बारिश से फायदा हुआ है। गर्मी मार्च में शुरू होती है। हालांकि, इस वर्ष फरवरी से ही सूरज की तपिश महसूस होने लगी थी। लेकिन, अब सूरज ने आग उगलना शुरू कर दिया है तथा पारा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। वहीं मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक बारिश और तूफान का अनुमान लगाया था।
इसी बीच 1 अप्रैल को जिले में कुछ तहसीलों में रात करीब 8 बजे से तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई। यह बारिश करीब एक घंटे तक जारी रही। बारिश की वजह से जहां धान फसल को नुकसान हुआ वहीं मक्का फसल सहित अन्य फसलों को नुकसान होने की जानकारी है।
रात भर रहीं बिजली गुल गोंदिया शहर सहित जिले के अनेक तहसीलों में बुधवार की रात को तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी बीच करीब 12 बजे शहर की बिजली आपूर्ति खंडित हो गई। जो सुबह 8 से 9 बजे सुचारू हुई। जिससे नागरिकों को भरी गर्मी व मच्छरों से परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हवाओं के साथ हुई बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। कई ग्रामीण इलाकों में फसलें जमीन की ओर झुक गई हैं जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। किसानों की बढ़ी चिंता लगातार बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में फसल की स्थिति क्या होगी इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। किसान भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
इससे पहले 30 अप्रैल की रात लगभग 11.30 बजे नवेगांवबांध क्षेत्र में तेज आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। इस समय क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन रबी धान फसल लहलहा रही है। अचानक आए इस मौसम परिवर्तन से जहां आम नागरिकों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई। तेज हवाओं से सबसे अधिक नुकसान मक्के की फसल को हुआ है।
ये भी पढ़े: गोंदिया में किसानों ने चुकाया 246 करोड़ का फसल कर्ज, 92% से ज्यादा वसूली
इससे पहले 27 मार्च को भी आए तूफान से कई खेतों में मक्के की फसल जमीन पर गिरकर धराशायी हो गई थी। भरनौली और राजौली क्षेत्रों में भी फसलों को नुकसान पहुंचा है। दिन में मौसम साफ रहने और अचानक शाम या रात में आंधी-तूफान आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
इस मौसम बदलाव का सबसे ज्यादा असर सब्जियों की खेती और आम के बागानों पर पड़ा है। आम के पेड़ों पर आए मंजर बड़ी संख्या में गिर गए हैं जिससे आम उत्पादन पर बड़ा असर पड़ सकता है। सब्जियों के पौधों पर लगे नए फूल भी झड़ गए हैं।