छात्रों के निवाले पर गुरुजी ने डाला डाका ! पोषण आहार के चावल व्यापारी को बेचे, कार्रवाई की मांग

Mid-day Meal Rice: गोंदिया के अर्जुनी मोरगांव तहसील के दिनकरनगर और जरूघाटा स्कूलों में पोषण आहार के चावल की कथित बिक्री का मामला सामने आया है।
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गोंदिया स्कूल चावल बिक्री(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Gondia School Rice Sale: गोंदिया जिले क अर्जुनी मोरगांव तहसील के दिनकरनगर और जरूघाटा स्थित स्कूलों में विद्यार्थियों के मध्यान्ह भोजन के लिए शासन से मिलने वाले पोषण आहार के चावल की कथित तौर पर बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों स्कूलों के कुल 6 कट्टे चावल करांडी क्षेत्र के एक व्यापारी को बेच दिए गए।

इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में भी हलचल मच गई है। ग्रामीणों के अनुसार, मंगलवार को जरूघाटा स्कूल में आयोजित बैठक में दिनकरनगर और जरूघाटा के दोनों मुख्याध्यापकों ने नागरिकों के सामने कथित रूप से चावल बेचने की बात स्वीकार की। चावल खरीदने वाले व्यापारी ने भी बैठक में इस व्यवहार के संबंध में जानकारी दिए जाने का दावा ग्रामीणों ने किया है।

6 कट्टे व्यापारी को बेचने का आरोप

बैठक में करीब 40 से 50 नागरिक उपस्थित थे। जांच की जाएगी आरोप है कि अगस्त महीने में दिनकरनगर के पोषण आहार का चावल स्कूल में उतारने के बजाय जरूघाटा स्कूल में उतारा गया। शाला व्यवस्थापन समिति के अध्यक्ष किशोर मंडल ने बताया कि यह मामला 13 अगस्त का है, आगामी शनिवार को पुरानी समिति के साथ बैठक लेकर मामले की जांच की जाएगी।

अनियमितता बर्दाश्त नहीं

दिनकरनगर ग्रापं सदस्य खोकण सरकार ने कहा कि विद्यार्थियों को मिलने वाले पोषण आहार के चावल की बिक्री का आरोप बेहद गंभीर है, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

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कार्रवाई करेंगे

गोंदिया शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) पवन खंडारे ने कहा कि मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। संबंधित अधिकारियों से तथ्य जुटाए जा रहे है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने भी उपलब्ध कराया था चावल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष दिनकरनगर स्कूल में जिला परिषद गोंदिया की ओर से क्रीड़ा स्पर्धा आयोजित की गई थी। इसके लिए ग्रामीणों ने बड़ी मात्रा में चावल उपलब्ध कराया था। विद्यार्थियों के पोषण आहार में इस चावल का उपयोग किए जाने के कारण शासन की ओर से उपलब्ध कराया गया चावल शेष बचने की बात सामने आई है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद जरूघाटा के नागरिकों ने स्कूल पहुंचकर पूछताछ की। ग्रामीणों का दावा है कि दिनकरनगर के मुख्याध्यापक ने चार कट्टे चावल जरूघाटा स्कूल में उतारने के लिए कहा था। इसके बाद दिनकरनगर के चार और जरूघाटा स्कूल के दो ऐसे कुल छह कट्टे चावल स्कूल के सामने ही तौलकर व्यापारी को बेच दिए गए। ग्रामीणों के अनुसार यह पूरा मामला 13 अगस्त का है।

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