गोंदिया के रेलवे तालाब का अमृत योजना से होगा कायाकल्प; 35 करोड़ से बनेगा बोटिंग और पर्यटन केंद्र
Gondia Railway Talab: गोंदिया के रेलवे सरकारी तालाब का 35 करोड़ की अमृत योजना से कायाकल्प होगा यहाँ बोटिंग, वॉकिंग ट्रैक और म्यूजिकल फाउंटेन जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे शहर को नई पर्यटन पहचान मिलेगी।
- Written By: रूपम सिंह
Water Conservation Gondia (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Gondia Tourism Project: गोंदिया शहर के नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और जीवन गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2015 में शुरु की गई अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत योजना) के तहत गोंदिया शहर को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। रेलवे सरकारी तालाब के व्यापक विकास और सौंदर्याकरण के लिए 35 करोड़ रुपय का बजट आवंटित किया गया है।
अमृत योजना को देश का पहला लक्षित राष्ट्रीय जल मिशन माना जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण, जलापूर्ति, सीवरेज व्यवस्था और हरित पर्यावरण को बढ़ावा देना है। इसी योजना के अंतर्गत नगर परिषद द्वारा रेलवे सरकारी तालाब को आधुनिक सुविधाओं से युक्त पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
शहर में ही मिलेगा बोटिंग का आनंद
परियोजना पूर्ण होने के बाद गोंदिया वासियों को मोटर और पैडल बोटिंग का आनंद लेने के लिए गोंदिया शहर के मध्य स्थित रेलवे सरकारी तालाब में ही बोटिंग, वॉकिंग ट्रैक और मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी जिससे यह स्थान परिवारों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। रेलवे के तालाब के सौंदयोंकरण से अंडरग्राउंड मार्ग की स्थिति में भी सुधार आएगा।
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प्रस्तावित विकास कार्य
अमृत योजना की निधि से तालाब का गहराईकरण, व्यापक सौंदर्याकरण और क्षमता निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही गंदे पानी की निकासी के लिए अलग नाले का निर्माण, उच्च स्तरीय प्रकाश व्यवस्था, विद्युतीकरण, डिजिटल लाइटिंग, चारों ओर फेसिंग बाड़, संगीत फव्वारा, पंप हाउस और पाइप लाइन का कार्य प्रस्तावित है।
नागरिकों के लिए पक्की फर्श और वॉकिंग ट्रैक, बुजुर्गों के बैठने के लिए आधुनिक बेंच, पौधारोपण और बागवानी भी की जाएगी। जलमग्न क्षेत्र में उतरने तथा टापू तक जाने के लिए मार्ग बनाया जाएगा, जहां वरुण देवता भगवान श्रीझूलेलालजी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके अलावा हनुमान मंदिर टेकरी के पास सीढ़ियों और छोटी मूर्ति विसर्जन के लिए अलग जलकुंड का निर्माण भी किया जाएगा।
भूमि और परियोजना की रूपरेखा
रेलवे सरकारी तालाब की कुल भूमि 10.5 हेक्टेयर है, जिसमें से 7.5 हेक्टेयर क्षेत्र जल भाग (वॉटर बॉडी एरिया) है। यह भूमि रेलवे विभाग के स्वामित्व की है, जिसे लीज पर नगर परिषद को सौंपने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। लीज एग्रीमेंट पूर्ण होते ही टेंडर प्रक्रिया शुरु कर 35 करोड़ रु. की परियोजना का कार्यदिश जारी किया जाएगा।
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पर्यटन मानचित्र पर उभरेगा गोंदिया
पार्षद लोकेश यादव के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद इसके रखरखाव की जिम्मेदारी नगर परिषद की होगी। 35 करोड़ रुपय की यह परियोजना पूर्ण होने पर रेलवे तालाब गोंदिया की पहचान एक नए पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगा। आधुनिक रोशनी, हरित वातावरण, वॉकिंग ट्रैक और बोटिंग जैसी सुविधाएं शहर के सामाजिक, पर्यावरणीय और पर्यटन विकास को नई दिशा देगी।
अतिक्रमण हटाना बड़ी चुनौती
रेलवे तालाब की लगभग 3 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर वर्तमान में अवैध अतिक्रमण है, जहां पक्के मकान और झोंपड़ियां बनी हुई हैं। रेलवे प्रशासन की सख्त नीति के चलते नोटिस जारी कर नगर परिषद, रेलवे प्रशासन, तोडू दस्ता और गोंदिया पुलिस विभाग के सहयोग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
