गोंदिया में गहराया जल संकट: 580 गांवों में बूंद-बूंद को तरसेंगे लोग, प्रशासन के दावों के बीच 457 हैंडपंप बंद

Gondia News: गोंदिया जिले के 580 गांवों में भीषण जल संकट की आशंका है। तिरोड़ा और गोरेगांव सहित चार तहसीलों में हालात गंभीर हैं। 457 हैंडपंप बंद होने से ग्रामीणों को पानी के लिए मीलों भटकना पड़ रहा है।
Gondia faces a severe water crisis in 580 villages. With 457 handpumps defunct, residents in four tehsils struggle for water. Admin plans relief measures as river levels drop significantly.
Gondia Water Crisis (फोटो-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Water Issues: गोंदिया  जिले में पिछले दो-तीन सालों से पानी की कमी की समस्या गंभीर है। ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रारुप के अनुसार, 580 गांवों में जल संकट की समस्या उत्पन्न होगी। जिले की चार तहसीलों में जल समस्या उत्पन्न होगी। जबकि जिले में 457 हैंडपंप कायमस्वरुप बंद हैं। इस वजह से ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ेगा। कुल मिलाकर, ग्रामीण इलाकों में पानी की कमी का संकट हर साल गहराता है।

नागरिक पानी के लिए भागदौड़ कर रहे हैं, और गर्मी के दिनों में रोज अपनी किस्मत के लिए जूझ रहे हैं। इस साल तिरोड़ा, गोरेगांव, देवरी और गोंदिया तहसील के 150 से अधिक गावों में पानी की कमी सबसे ज्यादा होने की संभावना है। तहसील में जलस्तर कम हो गया है। जिससे भूजल सर्वेक्षण विभाग ने मार्च से जून के बीच तहसील में पानी की कमी की समस्या और गंभीर होने की संभावना जताई है।

तिरोड़ा और गोरेगांव तहसील के कुछ गांव पहले से ही पानी की कमी की समस्या का सामना कर रहे हैं। जिले में बडे पैमाने पर जंगल है, और बाघ इटियाडोह विभाग के तहत बड़े प्रकल्प वाले 9 मध्यम, छोटे व बडे तालाब हैं। इसके अलावा, जिला परिषद के 1500 तालाब हैं। जिससे जिले के पानी के सोर्स में सिंचाई की बहुत ज्यादा क्षमता है।

लेकिन, पिछले कुछ सालों में औसत से कम बारिश होने की वजह से पानी जमा करने के लिए कोई खास कोशिश नहीं की गई है। इस वजह से, जिले के लोगों को गर्मियों में पानी की कमी का सामना करना पड़ता है। हालांकि जिला प्रशासन पानी की कमी को दूर करने के लिए बड़ी निधि खर्च कर रहा है, लेकिन कई गांवों के लोगों को पीने के पानी के लिए दो किमी। पैदल चलना पड़ता है।

इस साल भी जिले के 580 गांवों में जल संकट होने की संभावना है। पानी की कमी को दूर करने के लिए जलापूर्ति विभाग ने एक प्रारुप तैयार किया है, और कुओं से गाद निकालने, बोरहोल बनाने, पाइप से पानी सप्लाई करने वाली योजनाओं की मरम्मत करने, खोदे गए कुओं की मरम्मत करने, कमी वाले गांवों में टैंकरों से पानी पहुंचाने, कुओं से गाद निकालने, नल जलापूर्ति योजना को पूरा करने जैसे कदम उठाए जाएंगे।

चार तहसीलों में समस्या गंभीर

जिले के तिरोड़ा, गोरेगांव, देवरी और गोंदिया तहसील के कुछ गांवों में लोग पहले से ही पानी की कमी की समस्या का सामना कर रहे हैं। अब गर्मी शुरू हो गई हैं और लोग पानी की कमी की समस्या का सामना कर रहे हैं, इसलिए उन्हें अभी से चिंता होने लगी है कि अप्रैल और मई के गर्मियों के महीनों में क्या होगा।

गोंदिया में भी होगी कमी

गोंदिया शहर को मजीप्रा के तहत डांगोरली के पास वैनगंगा नदी पर बनी जलापूर्ति योजना से पानी की पूर्ति होती है। अब नदी का जलस्तर कम हो गया है। जिससे अगले महीने से शहर में पानी की कमी होने की संभावना है। इसे दूर करने के लिए मजीप्रा व जिला प्रशासन ने पुजारीटोला बांध से शहर को पानी पूर्ति करने का नियोजन किया है।

जरूरी उपाय किए जाएंगे

गोंदिया जलापूर्ति विभाग राकेश चांदेवार ने बताया की जिले में गर्मियों में कुछ तहसीलों के गांवों में पानी की कमी की समस्या होती है। लेकिन तुरंत उपाय करने के लिए एक प्रारुप तैयार किया गया है। गांवों में ग्रामीणों को - पानी की कमी की समस्या नहीं होगी इसके लिए जरूरी उपाय किए जाएंगे। जिला प्रशासन पानी की कमी या को दूर करने के लिए हमेशा तैयार है। पानी की कमी की योजना के दूसरे चरण को जल्द ही मंजूरी प्राप्त होगी।

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