project Affected Jobs (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gondia Project Affected People: गोंदिया जिले में अनेक लघु और मध्यम सिंचाई प्रकल्पों का निर्माण किया गया है, जिनके लिए किसानों की हजारों एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई। जिन किसानों की जमीन संपादित हुई, उनके वारिसों को प्रकल्पग्रस्त का प्रमाणपत्र दिया गया। नियमानुसार, इस प्रमाणपत्र के आधार पर शासकीय नौकरियों में 5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने का प्रावधान है। हालांकि, जिले में प्रकल्पग्रस्तों की संख्या हजारों में होने के बावजूद आज भी बड़ी संख्या में प्रकल्पग्रस्त रोजगार से वंचित हैं।
अधिकांश प्रकल्पग्रस्त अब सरकारी नौकरी की आयु सीमा पार कर चुके हैं। ऐसे में न तो उन्हें नौकरी मिल पा रही है और न ही प्रकल्पग्रस्त प्रमाणपत्र उनके किसी काम आ रहा है। प्रकल्पग्रस्तों का कहना है कि जिन्हें अब नौकरी नहीं मिल सकती, ऐसे लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि वे आजीविका के अन्य साधन विकसित कर सकें।
गोंदिया जिले में कटंगी, कलपाथरी, पिंडकेपार, झांसी उपसा सिंचन, सिरपूर, इटियाडोह, कालामाटी और झंकारगोंदी जैसे अनेक मध्यम व लघु सिंचाई प्रकल्पों का निर्माण हुआ है। इन प्रकल्पों के लिए न केवल जमीन, बल्कि कुछ स्थानों पर पूरे गांव भी संपादित किए गए हैं। सरकार द्वारा नौकरी के लाभ के उद्देश्य से प्रकल्पग्रस्त प्रमाणपत्र जारी किए गए थे, लेकिन प्रकल्पग्रस्तों की संख्या अधिक और आरक्षित सीटें सीमित होने के कारण हजारों लोग नौकरी से वंचित रह गए। कई प्रकल्पग्रस्तों की उम्र निकल चुकी है, वहीं कुछ की मृत्यु भी हो चुकी है।
कृषि पर आधारित इस जिले में सरकार ने सिंचाई प्रकल्पों के लिए किसानों की जमीन ली, बदले में उनके वारिसों को नौकरी में 5 प्रतिशत आरक्षण देने का आश्वासन दिया गया। लेकिन यह लाभ व्यवहार में प्रभावी होता नजर नहीं आ रहा है। एक ओर किसानों की जमीन चली गई और दूसरी ओर रोजगार का लाभ भी नहीं मिला। इससे किसानों और उनके परिवारों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन को इस गंभीर सामाजिक समस्या पर शीघ्र ध्यान देने की आवश्यकता है।
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गोंदिया के सहायक राजस्व अधिकारी विठ्ठल राठौड़ ने कहा कि 2015 से पहले अनेक प्रकल्पग्रस्तों को प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं। 2015 के बाद अब तक 25 प्रमाणपत्र दिए गए हैं। हाल ही में भंडारा कार्यालय से 817 प्रकल्पग्रस्तों के दस्तावेज गोंदिया कार्यालय को प्राप्त हुए हैं। अब तक जारी किए गए प्रमाणपत्रों के आधार पर कई लोगों को आरक्षित सीटों पर नौकरी भी मिली है।