Nagpur News: अभी भी 21 फीसदी खाली हैं बड़े सिंचाई प्रकल्प, मध्यम व लघु प्रकल्पों की स्थिति संतोषजनक

Irrigation Project: नागपुर पाटबंधारे विभाग उत्तर-दक्षिण के अंतर्गत आने वाले 12 मध्यम प्रकल्पों की स्थिति अच्छी कही जा सकती है। पांढराबोड़ी, मकरधोकड़ा, सायकी और मोरधाम ये 4 प्रकल्प तो 100 प्रतिशत भरे।
अभी भी 21 फीसदी खाली हैं बड़े सिंचाई प्रकल्प
अभी भी 21 फीसदी खाली हैं बड़े सिंचाई प्रकल्प (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Nagpur Dam Department: इस मानसून सीजन में अब तक इतनी बारिश नहीं हुई है कि जिले के सिंचाई प्रकल्प पूरी तरह भर जाएं। बीते वर्ष की तुलना में बड़े प्रकल्प अभी भी 21 से 25 फीसदी तक खाली हैं। बीते वर्ष 19 अगस्त 2024 को पेंच प्रकल्पों में तोतलाडोह, नवेगांव खैरी और खिंडसी में 90.57 फीसदी जलस्तर था लेकिन इस वर्ष इसी तारीख को यह 69.89 प्रतिशत ही भरा है। बीते वर्ष की तुलना में उक्त तीन प्रकल्पों में 20.68 फीसदी जलस्तर कम है। उस पर भी तोतलाडोह को देखें तो बीते वर्ष 19 अगस्त को जलस्तर 93.09 प्रतिशत पर पहुंच चुका था लेकिन इस वर्ष जलस्तर 68.33 फीसदी ही है।

नवेगांव खैरी में बीते वर्ष 99.99 फीसदी स्टाक हो चुका था लेकिन इस वर्ष इसकी स्थिति 86.64 प्रतिशत पर ही है। खिंडसी जलाशय आज की तारीख में 64.69 प्रतिशत भरा है जबकि बीते वर्ष इसी तिथि को यह 90.37 प्रतिशत भर चुका था। बड़े प्रकल्पों में निम्न वेणा के वडगांव, नांद की बात करें तो बीते वर्ष 88.95 फीसदी जलस्तर था जो इस वर्ष 72.55 फीसदी पर पहुंचा है। हालांकि जिले के 12 मध्यम प्रकल्पों और 60 लघु प्रकल्पों की बात करें तो स्थिति संतोषजनक है।बीते वर्ष व आज की तुलना में जलस्तर में 10 से 12 फीसदी का ही अंतर रह गया है।

तेजी से भर रहे मध्यम प्रकल्प

जिले के नागपुर पाटबंधारे विभाग उत्तर व दक्षिण के अंतर्गत आने वाले 12 मध्यम प्रकल्पों की स्थिति अच्छी कही जा सकती है। पांढराबोड़ी, मकरधोकड़ा, सायकी और मोरधाम ये 4 प्रकल्प तो 100 प्रतिशत लबालब हो गए हैं। शेष प्रकल्पों का जलस्तर 55 से 86 फीसदी तक पहुंचा है। औसत देखें तो बीते वर्ष 19 अगस्त को मध्यम प्रकल्प 84.40 प्रतिशत तक भर गए थे और इस वर्ष का जलस्तर 79.30 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। इनमें सावनेर का उमरी ही 55.52 फीसदी व हिंगना का कान्होलीबारा 63.30 प्रतिशत भरा है। शेष 66 से 92 फीसदी तक भर चुके हैं।

100 प्रतिशत लबालब 24 लघु प्रकल्प

जिले के 60 लघु प्रकल्पों में से 24 तो शत-प्रतिशत लबालब हो चुके हैं। कुछ ओवरफ्लो भी हुए हैं। लेकिन 13 प्रकल्प ऐसे भी हैं जो अब तक 50 फीसदी भी नहीं भर पाये हैं। शेष में 50 फीसदी से ऊपर जलस्तर पहुंच चुका है। सभी प्रकल्पों के औसत की बात करें तो वर्ष 2024 में 19 अगस्त तक पानी का स्टाक 87.86 प्रतिशत का था जो इस वर्ष इसी तारीख को 81.31 फीसदी तक पहुंच चुका है।

जिले के प्रकल्पों की तुलनात्मक स्थिति (प्रतिशत में)

प्रकल्प संख्या 19 अगस्त 2025 19 अगस्त 2024
बड़े 5 72.55 88.94
मध्यम 12 79.29 84.39
लघु 60 81.30 87.85
कुल 77 73.96 88.39
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