कागज पर 40 फीट, जमीन पर 20, गोंदिया में अतिक्रमण ने निगलीं सड़कें; 13 साल से धूल फांक रहा शहर का विकास प्लान!
Gondia Encroachment News: गोंदिया में 13 साल बाद भी अधूरा विकास प्लान! 40 फीट की सड़कें अतिक्रमण से हुई आधी। नगराध्यक्ष सचिन शेंडे ने दिया जल्द कार्रवाई का भरोसा।
- Written By: प्रिया जैस
गोंदिया में अतिक्रमण (सौजन्य-नवभारत)
Gondia Traffic Jam: गोंदिया नगर परिषद की ओर से 2012 से एक विकास प्लान मंजूर किया गया। लेकिन 13 वर्ष बाद भी इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। शहर के मुख्य चौक की सड़कें कम से कम 40 फीट की होनी चाहिए, ऐसा नियम है। लेकिन इस पर बढ़ते अतिक्रमण की वजह से 40 फीट की सड़कें अब 20 फीट में तब्दील हो गई हैं।
शहर में अतिक्रमण की वजह से सड़कें सकरी हो गई हैं और ट्रैफिक जाम दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। शहर में बढ़ते अतिक्रमण की मुख्य वजह मुख्य सड़कों के किनारे अतिक्रमण है। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय नप अब तक उन्हें पनाह देने का काम कर रही है। शहर में ट्रैफिक जाम बढ़ता जा रहा है और शहर जाम होता जा रहा है। साढ़े तीन वर्ष बाद अब नप में पदाधिकारियों ने पद संभाला है।
अतिक्रमण हटाने की पहल
शहरवासी पूछ रहे हैं कि क्या वे इस गंभीर समस्या पर ध्यान देकर शहर में अतिक्रमण हटाने की पहल करेंगे। गोरेलाल चौक, श्री टॉकीज चौक, दुर्गा चौक, चांदनी चौक, नेहरू चौक, गांधी प्रतिमा, नप परिसर और प्रशासनिक भवन परिसर शहर में ट्रैफिक की मुख्य जगहें हैं। लेकिन सबसे ज्यादा अतिक्रमण इसी परिसर में किया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
Road Accidents Statistics: गोंदिया में चार महीने में 136 सड़क हादसे, 80 लोगों की मौत से बढ़ी चिंता
Gondia जिला परिषद में मचा हड़कंप; मनरेगा मजदूरी के लिए ग्राम पंचायत सदस्य ने कीया ‘मैं भी कॉकरोच’ आंदोलन
गोंदिया तहसील को मिली 1 लाख से ज्यादा किताबें, अन्य तहसीलों में जल्द आपूर्ति
मक्का बेचकर भी खाली हाथ हैं अन्नदाता! खरीदी के कई सप्ताह बाद एक भी किसान को नहीं हुआ भुगतान
छोटे व्यापारी ही नहीं, बड़े व्यापारियों ने भी नालियों और अपनी दुकानों के सामने तटबंध बना लिए हैं। शहर में नप के जरिए पहले भी कई बार अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाए जा चुके हैं। लेकिन, राजनीतिक दबाव के बाद उन्हें दो दिन में ही बंद कर दिया गया। अतिक्रमण का असली राज इसी राजनीतिक दबाव में छिपा है।
जल्द ही अभियान किया जाएगा शुरू
नप शहर के सर्वांगिण विकास के लिए पूरी तरह से कटिबद्ध है। गोंदिया शहर में अतिक्रमण और यातायात जाम को ठीक करने के लिए जल्द ही एक अभियान शुरू किया जाएगा। इस बारे में नप की पहली सामान्य सभा में प्रस्ताव लेकर उसे लागू किया जाएगा।
– सचिन शेंडे, नगराध्यक्ष, नप गोंदिया
यह भी पढ़ें – भाजपा के साथ जाने की क्या थी मजबूरी? चंद्रपुर में नहीं थम रहा सत्ता संग्राम, UBT आलाकमान आज करेगा बड़ा फैसला!
अतिक्रमण बढ़ने के लिए टीम गठित
शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए जल्द ही सभा में फैसला लिया जाएगा। फिलहाल, छुट्टियों में अतिक्रमण बढ़ने से रोकने के लिए टीम गठित की गई है। शहर में बढ़ते अतिक्रमण को जल्द ही हटाया जाएगा।
– संदीप बोरकर, नप मुख्याधिकारी
अंडरग्राउंड रास्ते का कर रहे इस्तेमाल
मांग है कि कम से कम नए नगरराध्यक्ष और पदाधिकारी इसके लिए पहल करें और इस समस्या का स्थायी समाधान करें। गोंदिया-बालाघाट रूट पर फ्लाईओवर बनने की वजह से शहर के लोग रामनगर जाने के लिए अभी सबसे ज़्यादा अंडरग्राउंड रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस वजह से ट्रैफिक दुर्गा चौक, दुर्गा मंदिर और कचरा मोहल्ला होकर निकल रहा है।
अंडरग्राउंड ब्रिज का रास्ता पतला होने की वजह से दिन में अक्सर इस जगह पर ट्रैफिक जाम रहता है। लेकिन इस ट्रैफिक जाम को ठीक करने के लिए एक भी यातायात पुलिस कर्मी नहीं है। इस वजह से शहर के लोग यहां लगने वाले ट्रैफिक जाम से तंग आ चुके हैं।
