किडनी कांड के ‘डॉक्टर’ की याददाश्त हुई गुम! पूछताछ में बोले- ‘आई डोंट रिमेंबर’; क्या जांच भटकाने की है ये चाल?
Kidney Sale Racket Maharashtra: किडनी बिक्री कांड में संदिग्ध डॉ. सिंह की पुलिस के सामने 'याददाश्त' हुई गुम। ₹35 लाख में होता था सौदा। बुधवार को अग्रिम जमानत पर हाईकोर्ट में फैसला।
- Written By: प्रिया जैस
चंद्रपुर किडनी कांड (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Dr. Ravindrapal Singh Delhi: देशभर में सनसनी मचाने वाले बहुचर्चित किडनी बिक्री प्रकरण में दिल्ली के मुख्य संदिग्ध डॉ. रवींद्रपाल सिंह पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ द्वारा दी गई सशर्त अग्रिम जमानत के अनुसार वे रोज़ाना चंद्रपुर के जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित तो हो रहे हैं लेकिन पूछताछ के दौरान पुलिस के सवालों पर वे बार-बार “आई डोंट रिमेंबर” कहकर जवाब दे रहे हैं, जिससे जांच में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
नागभीड़ के रोशन कुले किडनी बिक्री प्रकरण की जांच में यह सामने आया था कि त्रिची स्थित स्टार किम्स अस्पताल में शल्यक्रिया की गई थी। इन सर्जरियों में डॉ. राजरत्नम गोविंदसामी और डॉ. रवींद्रपाल सिंह की संलिप्तता होने का संदेह है।
किडनी प्रत्यारोपण के लिए लेते थे 35 लाख
इस बीच डॉ. सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय में आवेदन किया था, जिस पर न्यायालय ने 11 से 16 फरवरी तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चंद्रपुर के जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित रहने का आदेश दिया था। जांच में यह भी सामने आया है कि दिल्ली से त्रिची जाकर किडनी प्रत्यारोपण करने के लिए डॉ. सिंह लगभग 35 लाख रुपये लेते थे।
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इस रकम के बंटवारे, अन्य शामिल व्यक्तियों तथा पूरे रैकेट के अन्य सूत्रों के संबंध में वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे रहे हैं, जिससे पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस द्वारा उनके असहयोग की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। बुधवार, 18 फरवरी को उनकी अग्रिम जमानत पर अंतिम सुनवाई होगी। न्यायालय जमानत बरकरार रखता है या पुलिस को उनकी हिरासत मिलती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
