गोंदिया में 2 साल की मादा तेंदुआ कैद, स्कूल परिसर में दिखने से मची दहशत
Leopard Rescued In Gondia: गोंदिया के पिंपलगांव-खांबी में सुबह स्कूल और रिहायशी इलाके में घुसी मादा तेंदुआ को वन विभाग ने 3 घंटे के रेस्क्यू के बाद सुरक्षित पकड़ लिया।
- Written By: केतकी मोडक
रेस्क्यू किया गया तेंदुए (सोर्स - फोटो नवभारत)
Leopard Rescued In Gondia: गोंदिया जिले के अर्जुनी मोरगांव तहसील के पिंपलगांव-खांबी गांव में गुरुवार सुबह तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। स्कूल परिसर और कई घरों के आसपास घूम रहे तेंदुए की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद वन विभाग ने तेंदुए को सुरक्षित पकड़कर पिंजरे में कैद कर लिया।
3 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे कुछ ग्रामीणों ने गांव के स्कूल परिसर में एक तेंदुए को देखा। तेंदुए को देखते ही लोगों में दहशत फैल गई और वे शोर मचाते हुए वहां से दूर भाग गए। कुछ समय बाद पता चला कि तेंदुआ लांजेवार के घर में घुस गया है। परिवार के सदस्यों ने तत्काल घर के दरवाजे बंद कर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित की। तेंदुए की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर तेंदुआ वहां से निकल भागा।
इसके बाद तेंदुए को बोरकर के घर के पास शौचालय क्षेत्र में देखा गया। वन विभाग की टीम ने तत्काल क्षेत्र की घेराबंदी कर रेस्क्यू शुरू किया। बाद में तेंदुआ मेश्राम के घर के पास स्थित एक जर्जर मकान में दिखाई दिया, लेकिन वहां से भी वह निकलने में सफल रहा। कुछ समय बाद वह होमराज मेंढे के घर की दिशा में जाता दिखाई दिया, लगातार स्थान बदलने से वन विभाग की टीम को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
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वन विभाग ने परिसर में निगरानी बढ़ाई
वन विभाग ने जाल और अन्य आवश्यक उपकरणों की मदद से पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई। लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया गया। वन अधिकारियों के अनुसार पकड़ा गया तेंदुआ लगभग दो वर्ष की मादा है और उसकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
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घटना के दौरान पिंपलगांव खांबी और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में नागरिक एकत्र हो गए थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्जुनी मोरगांव के थानेदार कमलेश सोनटक्के अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। रेस्क्यू अभियान में नवेगांवबांध वनपरिक्षेत्र अधिकारी मारबते, सहायक वनसंरक्षक अविनाश मेश्राम, आरआरटी गोंदिया टीम तथा वन विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
