गोंदिया तालाब (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Gondia Water Conservation: राज्य सरकार पानी की कमी को दूर करने के लिए जलयुक्त शिवार अभियान चला रही है। इसके तहत इस बात पर खास जोर दिया गया है कि इस अभियान के तहत गोंदिया जिले में पानी का स्तर कैसे बढ़ाया जा सकता है। जलयुक्त शिवार अभियान को सफलतापूर्वक लागू करने के उद्देश्य से लघु सिंचाई विभाग, जिला परिषद, वन विभाग, जल संरक्षण और पंचायत समिति जैसे अलग-अलग तरीकों से काम किया जा रहा है। जलयुक्त शिवार अभियान 2।0 के तहत वर्ष 2025 तक जिले के सभी आठ तहसीलों में 838 कामों को प्रशासकीय मंजूरी दी गई है। इसके अनुसार, 838 काम शुरू हो चुके हैं और 781 काम पूरे हो चुके हैं। जबकि 57 काम प्रगति पर चल रहे हैं।
जलयुक्त शिवार अभियान से किसानों को फायदा हो रहा है। जिले के ज्यादातर गांवों में छोटी जमीन वाले किसानों की संख्या ज्यादा है। जिले की ज्यादातर जमीन सूखी है। सिंचाई की सुविधा न होने की वजह से किसान प्राकृतिक बारिश पर धान उगाते हैं। अगर बारिश नहीं होती, तो किसानों को धान की फसल से भी हाथ धोना पड़ता है। अगर सिंचाई का इंतजाम हो, तो किसान खरीफ की धान की फसल के साथ दूसरी और तीसरी फसल भी उगा सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, कृषि विभाग ने जलयुक्त शिवार के तहत खेत तालाबों के क्लस्टर बनाए हैं और नालों को गहरा किया है। जिला कृषि अधीक्षक नीलेशकानवड़े ने खास कोशिशें कीं।
अब जलयुक्त शिवार अभियान के तहत ज्यादातर किसानों को सही सिंचाई की सुविधा मिल रही है। किसान अब रबी में भी किसान धान के साथ दूसरी फसलें उगाने लगे हैं। जलयुक्त अभियान के तहत किए गए इन कामों से जिले के आदिवासी और छोटी जमीन वाले किसानों को काफी फायदा होगा।
यह भी पढ़ें:- अकोला मनपा में सत्ता संग्राम तेज: महापौर पद पर ओबीसी महिला पार्षदों में घमासान, 30 जनवरी को होगा फैसला
जलयुक्त शिवार अभियान 2.0 के तहत बहुत काम हुए। किसानों को सिंचाई की सुविधा भी दी गई। हालांकि, इन कामों के लिए सरकार के पास करीब 10 करोड़ रु। का निधि बकाया है। यह निधि तुरंत दिलाने के लिए पत्राचार किया गया और प्रयास भी चल रहे हैं। जैसे ही निधि मिलेगा, दूसरे काम भी जल्द ही शुरू कर दिए जाएंगे।