Maharashtra farm loan relief (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gondia Agriculture News: फसल खराब होने, खाद-बीज की बढ़ती कीमतों और बाजार की अनिश्चितता के कारण पिछले पांच वर्षों से कर्ज में डूबे गोंदिया जिले के हजारों किसानों की जिंदगी में अब उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। कर्जमाफी योजना के तहत 46,603 किसानों को लाभ मिलने की संभावना है और सरकार की ओर से लगभग 289 करोड़ 16 लाख रुपये तक के बकाए पर माफी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रशासन ने प्रक्रिया में तेजी लाते हुए सहकारी बैंकों और सेवा सहकारी संस्थाओं से पिछले पांच वर्षों के फसल ऋण और अवधि संबंधी विस्तृत जानकारी मांगी है। सरकारी वेबसाइट पर जानकारी अपलोड करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और अंतिम चरण की जांच भी तेज कर दी गई है।
यह कर्जमाफी न केवल आर्थिक राहत देगी, बल्कि वर्षों से ब्याज के बोझ तले दबे किसानों को मानसिक सुकून भी प्रदान करेगी। लगातार फसल नुकसान, अनियमित बारिश, बढ़ती उत्पादन लागत और बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण किसान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। कई किसानों ने कर्ज चुकाने के लिए आभूषण गिरवी रख दिए, तो कुछ ने खेती में निवेश कम कर दिया। ऐसे में इस योजना को किसानों के लिए “नई सांस” के रूप में देखा जा रहा है।
उम्मीद जताई जा रही है कि कर्ज का बोझ कम होने पर किसान नए उत्साह के साथ खेती की ओर लौटेंगे और बीज, सिंचाई तथा आधुनिक तकनीक में निवेश बढ़ाएंगे। फिलहाल सभी की नजर सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी है।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार पात्र किसानों पर लगभग 190 करोड़ रुपये का मूल कर्ज है, जबकि शेष राशि ब्याज की है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि समय पर जानकारी अपलोड न होने पर पात्र किसानों के नाम छूट सकते हैं। तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार गोंदिया तहसील में 11,476 किसान, गोरेगांव में 5,543, आमगांव में 3,976, तिरोड़ा में 10,119, अर्जुनी मोरगांव में 4,415, देवरी व सड़क अर्जुनी में 8,918 तथा सालेकसा तहसील में 2,156 किसान पात्र होने की संभावना है।
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इस बीच आधार कार्ड, बैंक खाता, ऋण खाता विवरण और फसल रिकॉर्ड जैसे जरूरी दस्तावेज सेवा सहकारी संस्थाओं में जमा करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। गांवों में किसान कागजात लेकर संस्थाओं के चक्कर लगाते नजर आ रहे हैं।
जिला उपनिबंधक अर्चना मालवे ने अपील की है कि फसल ऋण लेने वाले किसान आधार कार्ड, बैंक खाता और ऋण विवरण संबंधित बैंक या सेवा सहकारी संस्था में जमा कर समय सीमा के भीतर KYC प्रक्रिया पूरी कर लें।