Gondia Crop Loan Repayment (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gondia District: खरीफ सीजन में खेती के काम के लिए किसानों को साहूकारों और रिश्तेदारों के दरवाजे पर खड़ा न होना पड़े और किसान सीजन से वंचित न रहें, इसके लिए नाबार्ड व अन्य ब्याज देने वाले बैंकों के जरिए किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल कर्ज दिया जाता है।
फसल कर्ज लेने वाले किसानों को 31 मार्च तक कर्ज चुकाना आवश्यक है। अन्यथा उन्हें शून्य प्रश। ब्याज दर और सरकारी योजनाओं से वंचित रहना पड़ेगा। खरीफ और रबी सीजन में जिले के किसान सबसे ज्यादा फसल कर्ज जिला बैंक से लेते हैं। इस बैंक से फसल कर्ज लेने की प्रक्रिया आसान है।
इसलिए किसान इस बैंक को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। पिछले खरीफ सीजन में जिला बैंक से जिले के 43063 किसानों ने 266 करोड़ 95 लाख रुपए का फसल लोन लिया था। लिए गए फसल लोन को 31 मार्च तक चुकाना जरूरी है।
अन्यथा किसानों को शून्य प्रश. ब्याज दर की छूट से वंचित रहना पड़ेगा। बकाया होने की वजह से उन्हें आगे और फसल कर्ज लेना पड़ सकता है और केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से चलाए जा रहे योजनाओं व अनुदान से भी वंचित रहना पड़ सकता है। इसलिए, जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अधिकारियों ने कहा कि जिन किसानों ने फसल कर्ज लिया है, उन्हें 31 मार्च तक अपना फसल कर्ज चुकाना होगा।
अगले दो-तीन दिन लगातार छुट्टियां हैं। इस वजह से, किसान फसल लोन चुकाने से वंचित न रहें, इसलिए विविध सेवा सहकारी कार्यकारी संस्था व गोंदिया जिला मध्यवर्ती – बैंक के सभी शाखा छुट्टियों में खुली रहेंगी। बैंक ने किसानों की सुविधा के लिए यह फैसला लिया है।
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मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुजीत टेटे ने कहा कि जिन किसानों ने फसल कर्ज लिया है, उन्हें 31 मार्च तक अपना फसल कर्ज चुका देना चाहिए और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा लागू की गई शून्य प्रश। ब्याज दर और योजनाओं का फायदा उठाना चाहिए, साथ ही, उन्हें अपना फसल कर्ज चुकाने में लापरवाही नहीं करनी चाहिए और बकायादार नहीं बनना चाहिए।