Gondia Animal Ear Taggin (सोर्सः सोशल मीडिया)
Animal Husbandry Department Gondia: जानवरों की खरीदी-बिक्री करते समय अब ईयर टैगिंग (कान पर मुहर लगाना) करना अनिवार्य कर दिया गया है। गोंदिया जिले में 2 लाख 81 हजार जानवर हैं, जिनमें से 2 लाख 61 हजार 359 जानवरों की ईयर टैगिंग हो चुकी है। बिना ई- टैगिंग के कोई भी जानवर नहीं बेचा जा सकता परिणामस्वरूप, अगर जानवरों की ईयर टैगिंग नहीं हुई तो वे पशुपालन विभाग की सुविधाओं से वंचित रह सकते हैं। इसके लिए पशुपालन विभाग जानवरों की ईयर टैगिंग करवा रहा है।
पशुपालन विभाग के उपायुक्त डॉ. जालिंदर तितमे ने जिले के सभी पशुपालक किसानों और पशु व्यापारियों से अपील की है कि वे अपने जानवरों की ईयर टैगिंग तुरंत करवाएं, केंद्र सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा नेशनल डिजिटल लाइव स्टॉक मिशन के तहत भारत पशुधन सिस्टम लागू किया गया है। इस सिस्टम में सभी तरह के ईयर टैगिंग (12 डिजिट बार कोडेड) पशुओं की रिकॉर्डिंग हो रही है। नेशनल डिजिटल लाइवस्टॉक मिशन के तहत भारत पशुधन सिस्टम लागू किया गया है। इस सिस्टम में पशुओं की हर तरह की ईयर टैगिंग रिकॉर्ड की जाएगी।
इससे जन्म और मृत्यु पंजीकरण, प्रतिबंधात्मक दवा, वैक्सीनेशन, बांझपनका इलाज, मालिकाना हक और पशुओं की खरीदी-बिक्री की जानकारी सरकार को मिल सकेगी। जिले में कई पशुपालक और किसान अपने पशुओं के ईयर टैग लगवा रहे हैं। जिले में पशुओं की गिनती हर पांच साल में की जाती है और 21वीं पशु गणना के अनुसार जिले में 2 लाख 81 हजार 32 पशु हैं, जिनमें से 2 लाख 61 हजार 359 पशुओं की ईयर टैगिंग हो चुकी हैं।
गोंदिया उपआयुक्त, पशुपालन विभाग डॉ. जालिंदर तितमे ने कहा कि अगर जानवरों के कान में टैग नहीं होंगे, तो उन्हें केंद्र और राज्य सरकारों से आर्थिक मदद नहीं मिलेगी, और अगर जानवर प्राकृतिक आपदाओं, बिजली के झटके या अन्य जानवरों के हमले से मृत्यु हो जाती है, तो उन्हें मुआवजा नहीं मिलेगा। इसलिए, पशुपालकों को अपने जानवरों के कान में टैग लगवाने चाहिए।
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गोंदिया जिले में जानवरों के कान पर टैग लगाने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाई जा रही है। लेकिन, यह देखा गया है कि किसान इस पर ध्यान नहीं दे रहे है। कुल मिलाकर, जिले के कुछ तहसील में किसानों से कम प्रतिसाद मिल रहा है।