नवभारत विशेष: अकोला जिले में 26 बच्चे गंभीर कुपोषित, अंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से मुक्ति के प्रयास जारी
Akola Malnutrition Report 2026: फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार अकोला जिले में 26 बच्चे गंभीर कुपोषण की श्रेणी में पाए गए हैं, जिनमें सबसे अधिक 10 मामले अकोट तहसील से सामने आए हैं।
- Written By: आंचल लोखंडे
Malnourished Children Akola District (सोर्सः AI जनरेटेड फोटो)
Severely Malnourished Children Akola District: कुपोषण मुक्ति के लिए सरकारी स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद जिले में कुपोषण पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है। फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार अकोला जिले में 26 बच्चों को गंभीर कुपोषित श्रेणी में दर्ज किया गया है।इनमें सबसे अधिक मामले अकोट तहसील से सामने आए हैं।
सरकार द्वारा समाज में कुपोषण समाप्त करने के लिए अनेक योजनाएँ लागू की जाती हैं।बच्चों को अंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है।इसके बावजूद ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कुपोषित बच्चों की संख्या दर्ज की गई है।जिले की सभी तहसीलों में कम या ज्यादा संख्या में कुपोषित बच्चे पाए गए हैं, केवल अकोला तहसील को छोड़कर।
अकोट में सर्वाधिक कुपोषित बच्चे
जिले में सबसे अधिक 10 गंभीर कुपोषित बच्च्चों की संख्या अकोट तहसील में दर्ज की गई है।यहाँ मेलघाट का कुछ हिस्सा आदिवासी बाहुल है, जहां कुपोषण की समस्या अधिक दिखाई देती है।
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तहसील निहाय गंभीर सरकार के प्रयास और पोषण आहार
जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी आई है, लेकिन इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए शासन स्तर पर प्रयास जारी है।ग्राम बाल विकास केंद्री के अंतर्गत 26 गंभीर कुपोषित बच्चों को लगातार 72 दिनों तक अंगनवाड़ी के माध्यम से पौष्टिक आहार दिया जा रहा है।साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है और आवश्यकता अनुसार औषधोपचार भी किया जा रहा है।
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प्रशासन सर्वोत्तम प्रयास कर रहा है
जिला महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी राजश्री कौलखेडे ने कहा कि कुपोषण के समूल नाश के लिए प्रशासन सर्वोत्तम प्रयास कर रहा है।उन्होंने कहा कि बच्चों को पोषण आहार के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि उनकी स्थिति में सुधार हो सके।
(लेख: विलास देशमुख के द्वारा)
