धान खरीदी केंद्रों पर किसानों की लूट, प्रहार ने लगाया आरोप, जिलाध्यक्ष ने दी आंदोलन की चेतावनी
Gondia News: गोंदिया जिले में प्रहार ने किसानों को लूटे जाने का आरोप लगाया है। धान खरीदी केंद्रों पर किसानों की लूट होने की खबर सामने आ रही है। इस पर जिलाध्यक्ष ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
- Written By: प्रिया जैस
गोंदिया न्यूज
Gondia News: पूरा गोंदिया जिला धान नगरी, धान उगाने वाले जिले के रूप में जाना जाता है। जिले में विकास पुरुष, भूस्वामी और स्वयंभू किसान संबंधी, सांसद और विधायक, जो केवल अपने स्तर पर पत्र लिखकर धन लाने का दिखावा करते हैं, धान खरीदी केंद्र तो शुरू कर देते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं दिखता कि इन नेताओं की आंखों के सामने किसान हर दिन मर रहे हैं।
इसका कारण यह है कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, आधारभूत धान खरीदी केंद्र मौजूद हैं। किसानों से प्रति क्विंटल तीन से चार किलो धान काटने पर कड़ी सजा दी जा रही है, या सीधे किसानों के बोरे में ही धान खरीदा जा रहा है। केंद्रों पर 100 रु. से लेकर 500 रु. तक ऑनलाइन भुगतान की मांग चल रही है। तो फिर सवाल उठता है कि सरकार का बारदाना कहां जाता है? क्या सरकार ने धान तौलने की अनुमति दी? अगर घोटाला है, तो हर धान खरीदी केंद्र स्थापित होना चाहिए।
गरीब किसानों को किया जा रहा परेशान
धान खरीदी केंद्रों पर किसी भी नियम का पालन नहीं किया जा रहा है, केवल गरीब किसानों को परेशान किया जा रहा है। किसानों को पंजीयन करने के लिए कोई जानकारी नहीं दी जा रही है, केवल उनके बहुत करीबी लोगों को बुलाया जा रहा है और अवैध खरीदी शुरू कर दी गई है। इस कारण से, हर कोई केवल भुगतान जल्दी कैसे प्राप्त किया जाए, इसकी सुविधा दे रहा है, इस पूरी स्थिति में सभी आम जमीनी स्तर के किसान ठगे जा रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Gondia POCSO Case: खेलने के बहाने बुलाकर दो बच्चियों से ज्यादती; अर्जुनी मोरगांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई
Gondia News: सरकारी सेवाएं अब एक ही छत के नीचे, गोंदिया में जनभागीदारी महाशिविर
PCOD Clinic Launched: गोंदिया में महिलाओं के लिए शुरू हुए PCOD क्लिनिक, हर बुधवार मिलेगी मुफ्त जांच सुविधा
Gondia में जनगणना टीमों का विरोध, शिक्षकों को गांव में घुसने पर मिली धमकियां
यह भी पढ़ें – मां ही निकली नवजात की हत्यारिन, वैनगंगा नदी में डांगोरली पुल से फेंका बच्चा, पुलिस को मिला शव
किसान अब तक बोनस से वंचित
कुछ किसान अब तक बोनस से वंचित हैं। साथ ही, यह सरकार और विपक्ष यह नहीं देख रहा है कि रबी सीजन का धान भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। क्योंकि सभी धान खरीदी केंद्र उनके हैं। तो आप चुप हैं, मैं चुप हूं, यह खेल चल रहा है।
वे केवल चुनाव आने पर घोषणा करते हैं। हर साल सरकार की नीति के शून्य कार्यान्वयन के कारण किसान आत्महत्याएं बढ़ रही हैं। प्रहार जिलाध्यक्ष महेंद्र भांडारकर ने चेतावनी दी है कि आठ दिनों के भीतर बोनस व रबी फसल का पैसा जमा नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे।
