Yavatmal: झरी-जामणी से वणी तक 70 डीपी फूंकी! 1,000 किसान अंधेरे में, खराब होने की कगार पर फसलें

Mahavitaran DP Shortage: पांढरकवड़ा महावितरण में 70 डीपी जलने से 1,000 किसान प्रभावित। 10 दिनों से नए डीपी नहीं, रबी सीजन की सिंचाई ठप। किसान मोर्चा ने 10 करोड़ की मांग की।
Mahavitaran DP Shortage: पांढरकवड़ा महावितरण में 70 डीपी जलने से 1,000 किसान प्रभावित। 10 दिनों से नए डीपी नहीं, रबी सीजन की सिंचाई ठप। किसान मोर्चा ने 10 करोड़ की मांग की।
डीपी उड़ी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Pandharkawada Power Crisis: पांढरकवड़ा महावितरण विभाग में कृषि पंपों से जुड़े डीपी की भारी कमी से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। पिछले कुछ दिनों में लगभग 70 डीपी जल जाने की शिकायतें विभाग को मिली हैं। परंतु पिछले 10 दिनों से एक भी नया डीपी उपलब्ध न होने से मरम्मत कार्य बाधित हो रहा है।

इसकी जानकारी भाजपा राज्य परिषद सदस्य एवं किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष दिनकर पावड़े ने उपविभागीय अधिकारी निखिल हिंगोले के माध्यम से प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में दी है। घोन्सा उपविभाग में 3, वणी उपविभाग में 15, झरी जामणी उपविभाग में 12 तथा अन्य उपविभागों सहित कुल 70 डिपियां खराब पड़ी हैं, जिसके कारण करीब 1,000 किसानों का विद्युत प्रवाह बंद है। रबी सीजन में सिंचाई रुकने से बोए गए बीजों की अंकुरण प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।

528 करोड़ की योजना में से 10 करोड़ की मांग

पावड़े ने कहा कि जिला नियोजन समिति की 528 करोड़ की वार्षिक योजना में से कम से कम 2% राशि पांढरकवड़ा बिजली विभाग को दी जानी चाहिए। विभाग ने 200 नए रोहित्रों की मांग वरिष्ठ कार्यालय को भेजी है, जिसके लिए 5 करोड़ रुपये विशेष निधि तथा जिले के अन्य भागों के लिए अतिरिक्त 5 करोड कुल 10 करोड रुपये की व्यवस्था करने की मांग की गई है।

Mahavitaran DP Shortage: पांढरकवड़ा महावितरण में 70 डीपी जलने से 1,000 किसान प्रभावित। 10 दिनों से नए डीपी नहीं, रबी सीजन की सिंचाई ठप। किसान मोर्चा ने 10 करोड़ की मांग की।
सौंपा ज्ञापन (सौजन्य-नवभारत)

खरीफ में अतिवृष्टि, अब रबी में बिजली संकट

"खरीफ सीजन में अतिवृष्टि से सोयाबीन फसल को भारी नुकसान हुआ था। अब रबी सीजन में किसान उस नुकसान की भरपाई की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन विद्युत आपूर्ति बाधित होने से संकट और गहरा गया है। किसानों को राहत देने के लिए तुरंत डिपियों की आपूर्ति शुरू की जाए तथा मरम्मत और बदलाव की प्रक्रिया युद्धस्तर पर की जाए,” ऐसी मांग पावड़े ने वणी के उपविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं दंडाधिकारी निखिल हिंगोले के माध्यम से पालकमंत्री संजय राठौड़, आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके, जिलाधिकारी विकास मीना से की है।

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