चिखली में सड़क निर्माण पर लगी रोक! घटिया काम का आरोप, ग्रामीणों ने की जांच की मांग

Gondia News: अर्जुनी तहसील की चिखली कोहड़ीटोला-सावंगी सड़क का घटिया सीमेंट काम रुकवाया गया। पुरानी डामरी सड़क गड्ढेदार हो गई थी। इससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
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Gondia Chikhli Kohditola-Savangi Road News: गोंदिया जिले की सडक अर्जुनी तहसील में स्थित चिखली कोहड़ीटोला-सावंगी रोड सीमेंटीकरण का काम चला रहा था। यह कमजोर गुणवत्ता का पाया गया है, जिसके चलते ग्रामीणों ने निर्माण रोकवा दिया। संबंधित अभियंता ने साइट पर जाकर निरीक्षण किया और गुणवत्तापूर्ण काम सुनिश्चित करने की सख्त मांग की है।

जानकारी के अनुसार, यह सड़क सार्वजनिक निर्माण विभाग (रोहयो), गोंदिया के अधीन है। करीब 10-12 साल पहले इस सड़क का डामरीकरण किया गया था, जिसमें लगभग 50 लाख रुपये खर्च किए गए थे। लेकिन समय पर देखभाल और मरम्मत न होने के कारण सड़क पर कई स्थानों पर गड्ढे बन गए, जिससे वाहनों का संचालन मुश्किल और असुरक्षित हो गया।

नई सड़क के लिए राशि हुई थी मंजूर

नए सिरे से सड़क तैयार करने के लिए शासन से बार-बार अनुरोध करने के बाद सड़क के लिए निधि प्राप्त होकर प्रत्यक्ष निर्माणकार्य की शुरूआत की गई। मूल डामरीकरण सड़क तीन मीटर चौड़ी थी, जबकि नए मंजूर सीमेंट कांक्रीट सड़क की चौड़ाई चार मीटर है।

इसके लिए सड़क के दोनों किनारों पर खुदाई की गई। लेकिन, खुदाई में उचित पत्थर-मुरुम का उपयोग न कर पुराने निर्माण सामग्री का ही उपयोग किया गया और रोड रोलर द्वारा गिट्टी मुरुम की पिचिंग भी सही नहीं हो रही थी, जिससे बनने वाली सड़क निर्माण कार्य में निकृष्ट दर्जे की सामग्री का उपयोग करने का आरोप ग्रामवासियों ने लगाकर निर्माण कार्य रोक दिया है।

गुणवत्तापूर्वक कार्य करना जरूरी

इस सड़क का निर्माण किस योजना के तहत और कौन कर रहा है इसकी जानकारी ग्राम पंचायत पदाधिकारियों को नहीं है। संबंधित विभाग ने संज्ञान लेकर सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण गुणवत्तापूर्वक करने की मांग ग्राम की महिला पल्लवी चांदेवार और शीतल मेश्राम ने की है।

पुल का निर्माण कार्य किया जाए

चिखली-कोहड़ीटोला-सावंगी यह रेलवे स्टेशन और राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। कोहड़ीटोला-सावंगी इन दोनों गांवों के बीच शशिकरण नाला बहता है, और मुख्य मार्ग पर जाने के लिए दूसरे रास्ते का सहारा लेना पड़ता है, जिससे यात्रियों के साथ-साथ विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसलिए नदी पर पुल बनाने की मांग गांववालों ने की है।

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