Yavatmal News: 5,000 महिलाओं के साथ करोड़ों की ठगी! ‘गांव मेरा फाउंडेशन’ का बड़ा घोटाला उजागर

Gaon Mera Foundation Scam: ‘गांव मेरा फाउंडेशन’ पर 5,000 से अधिक गरीब महिलाओं से रोजगार के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप। OTP लेकर खाते खुलवाए, फर्जी कर्ज का खतरा बढ़ा।
Gaon Mera Foundation Scam: ‘गांव मेरा फाउंडेशन’ पर 5,000 से अधिक गरीब महिलाओं से रोजगार के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप। OTP लेकर खाते खुलवाए, फर्जी कर्ज का खतरा बढ़ा।
गांव मेरा फाउंडेशन का करोड़ों का खेल (सौजन्य-नवभारत)
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Employment Scam Maharashtra: वणी, झरी और मारेगांव तहसील के पांच हजार से अधिक गरीब, मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं का विश्वास तोडा गया है। 'गांव मेरा फाउंडेशन' द्वारा रोजगार के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी किए जाने का बड़ा मामला सामने आया है।

इस मामले का पर्दाफाश पूर्व जिला परिषद सदस्य विजय पिदूरकर के नेतृत्व में महिलाओं ने किया है। उपविभागीय अधिकारी को दिये गये ज्ञापन में फाउंडेशन के संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग महिलाओं ने की है। गांव मेरा फाउंडेशन ने महिलाएं स्वयं उद्यमी बनेंगी, महिला कंपनी शुरू होगी, MIDC में 50 एकड़ जमीन पर उद्योग लगेगा जैसे बड़े-बड़े सपने दिखाकर तीन साल पहले प्रति महिला 1000 रुपये सदस्यता शुल्क के रूप में वसूल लिए।

महिलाओं का गुस्सा चरम पर

लेकिन तीन साल बाद भी उद्योग की कोई तैयारी नहीं, न जमीन, न मशीनरी, न कार्यालय ऐसा कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा। ग्रामीण महिलाओं तक पहुंचने के लिए संस्था ने ‘उद्योग सखी’ नाम की प्रतिनिधियां नियुक्त की थीं। इन महिलाओं ने गांव-गांव जाकर सभासद बनाने के नाम पर हजारों रुपये इकट्ठा किए। लेकिन जब महिलाओं ने उद्योग शुरू करने की तारीख पूछी, नौकरी की जानकारी मांगी या परियोजना की स्थिति जाननी चाही, तो हर बार उन्हें बहाने, टालमटोल और झूठे आश्वासन ही मिले। फाउंडेशन के अध्यक्ष पवन वानखेडे ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि “उद्योग जल्द शुरू होगा, किसी को नुकसान नहीं होगा। लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी जमीन पर एक भी ईंट न लगने से महिलाओं का गुस्सा चरम पर पहुंच गया।

महिलाओं को OTP भेजकर खुलवाए खाते

सबसे गंभीर आरोप यह है कि फाउंडेशन से जुड़े कुछ प्रतिनिधियों ने कई महिलाओं के मोबाइल पर आए OTP लेकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए। कई महिलाओं से अनजाने में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाकर कर्ज प्रकरण और आयकर रिटर्न तक दाखिल किए गए। इसके कारण कई महिलाएं शासन की “लाडली बहन योजना” जैसी योजनाओं से अपात्र हो गईं। महिलाओं को अब डर है कि उनके नाम पर कर्ज निकाल लिया गया तो वे कर्जदार घोषित हो सकती हैं।

फाउंडेशन पर ठगी का मामला दर्ज करें

महिलाओं की स्पष्ट मांग है की उद्योग शुरू नहीं किया गया तो हमारी मेहनत की कमाई वापस करो!” पूर्व जिला परिषद सदस्य विजय पिदूरकर ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर राशि लौटवाने और फाउंडेशन पर ठगी का मामला दर्ज करने की मांग की है। गांव-गांव में फैले इस कथित घोटाले ने हजारों महिलाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि, क्या महिलाओं की आवाज सुनी जाएगी? क्या जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी?

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