11 दिनों में 8 रुपये महंगा हुआ ईंधन, गोंदिया में कांग्रेस ने किया आंदोलन
Congress Protest News: गोंदिया जिला कांग्रेस कमेटी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और ईंधन आपूर्ति बाधित होने के विरोध में जयस्तंभ चौक पर प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
- Written By: केतकी मोडक
उपविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपते गोंदिया के कांग्रेस नेता (सोर्स - नवभारत)
Gondia Congress Protest Against Petrol Price Hike: वैश्विक संकट के चलते पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में की गई वृद्धि को तत्काल कम करने व ईंधन की आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल करने की मांग को लेकर गोंदिया जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से 27 मई को दोपहर 12 बजे शहर के जयस्तंभ चौक स्थित पेट्रोल पंप के पास जोरदार आंदोलन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने राज्यपाल के नाम एक मांग पत्र (ज्ञापन) उपविभागीय अधिकारी को सौंपा।
जनता पर टैक्स का भारी बोझ
आंदोलनकारियों ने बताया कि पिछले महज 11 दिनों के भीतर ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसने पहले से ही रिकॉर्ड तोड़ महंगाई से त्रस्त जनता के घावों पर नमक छिड़कने का काम किया है। पिछले 12 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पेट्रोल की कीमतें 28 प्रतिशत व डीजल की कीमतें 62 प्रतिशत तक बढ़ी हैं।
नेताओं ने याद दिलाया कि डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, तब भी देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 72 रुपये प्रति लीटर से ऊपर नहीं जाने दी गई थीं। इसके विपरीत, पिछले कुछ वर्षों में जब कच्चे तेल की कीमत 50-55 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी, तब भी देश में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये के आसपास बनी रही।
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पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर भारी टैक्स व उत्पाद शुल्क लगाकर आम जनता पर लाखों करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ने से आम जनता का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
भविष्य में और महंगाई बढ़ने की आशंका
वर्तमान समय में कृषि कार्य करने के लिए ट्रैक्टर और अन्य आधुनिक मशीनरी के संचालन हेतु डीजल अत्यंत आवश्यक है। देश के कई हिस्सों और स्थानीय स्तर पर डीजल की आपूर्ति बाधित होने से खरीफ सीजन के कृषि कार्य गहरे संकट में आ गए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने आशंका जताई कि यदि समय रहते ईंधन की किल्लत दूर नहीं हुई तो इससे कृषि उत्पादन बुरी तरह प्रभावित होगा और आने वाले भविष्य में महंगाई और भी खतरनाक रूप ले लेगी। ज्ञापन में मांग की गई है कि सरकार इन सभी संवेदनशील मामलों पर गंभीरता से विचार करे, पेट्रोल-डीजल की मूल्य वृद्धि को तुरंत वापस ले और ईंधन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करे।
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आंदोलन में प्रमुख नेताओं की उपस्थिति
इस आंदोलन के अवसर पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अमर वराडे, नेतराम कटरे, विनोद जैन, पी. जी. कटरे, राजकुमार पुराम, जितेंद्र कटरे, देवेंद्र रहांगडाले, अमान मेमन, बलजीत सिंह बग्गा सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
