Gadchiroli News: आत्मा परियोजना और कृषि विभाग का मिला सहयोग, जोड़े 800 किसान
Aatma Project: मत्हवकांक्षी प्रकल्प को आत्मा के प्रकल्प के संचालक तथा गड़चिरोली जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी प्रीति हिरलकर ने भेंट देकर निरीक्षण किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
आत्मा परियोजना और कृषि विभाग का मिला सहयोग (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Gadchiroli News: जिले की कुरखेड़ा तहसील के घाटी में डा. पंजाबराव देशमुख नैसर्गिक खेती मिशन अंतर्गत रोपवन किसान उत्पादक कंपनी नैसर्गिक खेती का एक अभिनव मॉडल सफलतापूर्ण साकार किया जा रहा है। वर्तमान स्थिति में रोपवन किसान उत्पादक कंपनी 50 हेक्टेयर क्षेत्र के मर्यादा में कुल 20 गुट स्थापन कर कार्य कर रही है। इसमें करीब 800 किसान सदस्य जोड़े गये है। जो नैसर्गिक पध्दति का अवलंबन कर रहे है।
इस मत्हवकांक्षी प्रकल्प को आत्मा के प्रकल्प के संचालक तथा जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी प्रीति हिरलकर ने भेंट देकर निरीक्षण किया। आत्मा द्वारा चलाए जाने वाले इस अभियान के चलते जिले में नैसर्गिक खेती को बल मिल रहा है। इस कंपनी ने पहले ही प्रयास में बायोडायनैमिक कंपोस्ट खाद और 10 ड्रम अर्कनिर्मिति पध्दति से तरल खाद तैयार किया।
50 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती
इस खाद का वितरण उनके सदस्यों को शुरू होकर यह नैसर्गिक खेती की ओर बढ़ने वाले किसानों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। रोपवन किसान उत्पादक कंपनी के किसान प्रयोगशील और मेहनती होकर उन्होंने 15 एकड़ क्षेत्र पर में हल्दी लगाए है। वहीं 50 एकड़ क्षेत्र पर विशेष परिश्रम कर यंत्र द्वारा धान लगाए गए है।
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800 किसान जोड़े
इस किसान उत्पादक कंपनी के स्थानीय स्तर पर संचालन व दिशा-निर्देश के लिए कुरखेड़ा के तहसील कृषि अधिकारी व कर्मचारी समेत आत्मा के कर्मचारी विशेष परिश्रम कर रहे है। इस भेंट के दौरान तंत्र अधिकारी आनंद कांबले, उपकृषि अधिकारी महेश परांजपे, संजय रामटेके, योगेश बोरकर, सोनी वड्डे, सपना कन्नाके, प्रियंका दडमल, आशिष बन्सोड, रोपवन किसान उत्पादक कंपनी के संचालक रमेश पिलारे, रेवनाथ नाकाडे, लोकेश बावणे समेत अन्य किसान उपस्थित थे।
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जैविक निविष्ठा केंद्र और खेत बांध पर प्रयोगशाला
प्रीति हिरलकर के विशेष मार्गदर्शन में जैविक निविष्ठा संसाधन केंद्र और खेत बांध पर प्रयोगशाला की निर्मिति का कार्य तेजी से शुरू है। इस केंद्र के चलते स्थानीय स्तर पर किसानों को नैसर्गिक खेती के लिए आवश्यक जैविक निविष्ठा सहजता से उपलब्ध होंगे। वहीं किसान अपने खेत में मिट्टी व पानी की जांच कर पाएंगे। जिससे उन्हें उचित निर्णय लेने में मदद होगी।
जिला खनिज निधि से विशेष सहायता
किसानों की इस गुणवत्ता का संज्ञान लेकर जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी हिरलकर ने जिला खनिज निधि माध्यम से जैविक निविष्ठा कीट, महुआ फूल संलकन केंद्र और बड़े पैमाने पर वनसंपदा होने के कारण मधुमक्खी पालन संदर्भ में आजीविका क्लस्टर के माध्यम से दिया जा रहा है।
कृषि विभाग का विशेष सहयोग मिला
रोपवन किसान उत्पादक कंपनी के संचालक रमेश पिलारे ने कहा कि हमारी कंपनी डॉ. पंजाबवराव देशमुख नैसर्गिक खेती मिशन अंतर्गत आत्मा द्वारा स्थापन की गई । कंपनी को केवल 8 से 10 माह की अवधि होकर कम अवधि में अनेक उपक्रम चलाए गए है। इसके लिए कृषि विभाग और आत्मा का विशेष सहयोग मिला है। खेती के लिए सेंद्रीय निविष्ठा, महुआ फूल संकलन केंद्र, मधुमक्खी पालन संदर्भ में लाभ मिला है। जिससे हमें रोजगार उपलब्ध हुआ है।
